West District Crime News : वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने सरकारी नौकरी के लिए आयोजित परीक्षाओं में बैठे उम्मीदवारों को नकल से पास कराने वाले एक ‘हाईटेक नकलबाज’ गैंग का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह भर्ती परीक्षाओं में गारंटी से पास कराने के लिए 8 से 12 लाख रुपये तक वसूलता था। गिरोह के सदस्य परीक्षा हॉल में बैठे उम्मीदवारों को नैनो ईयरबड, ब्लूटूथ डिवाइस, कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन और सिम कार्ड के जरिए बाहर बैठकर सवालों के जवाब देते रहते थे।
डीसीपी (वेस्ट) हरेश्वर वी. स्वामी ने बताया कि एसीपी शरत चंद्र निर्मल की देखरेख में एसएचओ (जनकपुरी) सोहैब अहमद की टीम ने इस हाईटेक अंतरराज्यीय नकलबाज गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की पहचान हेमंत (23), रिंकू (30), वीरेंद्र (38), आरती (24), सन्नी (30), दीपक (26) और सोनू कुमार (31) के रूप में की है। पुलिस ने इनके कब्जे से कस्टमाइज्ड मोबाइल, ब्लूटूथ डिवाइस, नैनो ईयरबड्स, टैबलेट, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी ने बताया कि इस संबंध में गत 26 जुलाई को सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी की शिकायत पर जांच शुरू की गई थी। केवीएस सी-2, जनकपुरी में आयोजित एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। जांच में उम्मीदवार आरती के पास से कस्टमाइज्ड मोबाइल, जबकि हेमंत के पास से सिम कार्ड और नैनो ईयरबड्स युक्त ब्लूटूथ डिवाइस मिला।
डीसीपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ सोहैब अहमद के नेतृत्व में इंस्पेक्टर दिनेश कुमार, एसआई अवंत, हेड कांस्टेबल बाबू लाल, राम किशन और कांस्टेबल प्रशांत की टीम गठित की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी भर्ती परीक्षाओं में उम्मीदवारों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें पास कराने का पूरा नेटवर्क चला रहे थे। उम्मीदवारों से आठ से 12 लाख रुपये लेकर उन्हें हाईटेक उपकरण उपलब्ध कराए जाते थे, जिसके बाद बाहर बैठे सदस्य उन्हें प्रश्नों के उत्तर बताते रहते थे।
मास्टरमाइंड सोनू भी गिरफ्तार
पुलिस टीम टेक्निकल सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर तफ्तीश करते हुए हरियाणा के चरखी दादरी पहुंची, जहां सोनू मान को एक अन्य सरकारी भर्ती परीक्षा में नकल कराने की कोशिश करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके पास से विदेशी व्हाट्सएप अकाउंट से जुड़ा टैबलेट, कस्टमाइज्ड मोबाइल, नैनो ईयरबड्स युक्त ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह गैंग अब तक कितनी भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगा चुका है और इसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
हाईटेक गैंग ने कितने ‘मुन्नाभाई’ कराए पास, तफतीश जारी
इस हाईटेक गिरोह के पकड़े जाने के बाद बड़ा सवाल है कि आखिर यह गिरोह कब से सक्रिय था और अब तक कितने ‘मुन्नाभाई’ पास करा चुका है। पुलिस टीमें इसकी तह तक जाने के लिए पकड़े गए आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही हैं। तकनीकी आधार पर भी पुलिस इनके संपर्क में रहे लोगों की सूची भी बना रही है। आधिकारिक पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस गिरोह की मदद से नकल कर पास हुए उम्मीदवारों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा। अभी तक की जांच में करीब दस उम्मीदवारों के बारे में इस गिरोह ने बताया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।


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