दिल्ली सिख गुरद्वारा प्रबंध समिति (डीएसजीएमसी) ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि कोविड के हालात काबू में होने के मद्देनजर करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोला जाए। इस गलियारे के माध्यम से सिख श्रद्धालु गुरद्वारा करतारपुर साहिब तक की यात्रा बिना वीजा के कर सकते हैं। पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित इस स्थान पर सिख धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव ने अपने जीवन के 18 वर्ष बिताए थे।
गुरू नानक देव की 550वीं जयंती के अवसर पर नवंबर, 2019 में करतारपुर साहिब कॉरिडोर को खोला गया था, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण यह पिछले साल मार्च महीने से बंद है। डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, ‘‘लगभग सभी राज्यों ने लॉकडाउन हटा लिया है। हम भारत सरकार से अपील करते हैं कि कॉरिडोर को पुन: खोला जाए क्योंकि कोरोना वायरस के मामलों में कमी आई है और हालात काबू में हैं।’’
इस कॉरिडोर को खोलने से पहले भारत से सिख श्रद्धालु डेरा बाबा नानक में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगाई गयी बड़ी दूरबीनों से गुरद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करते थे। सिरसा ने कहा, ‘‘कॉरिडोर पर आवागमन शुरू होने के बाद दूरबीन भी हटा ली गयी हैं।’’ इससे पहले शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने भी केंद्र सरकार से करतारपुर साहिब कॉरिडोर को पुन: खोलने का अनुरोध किया था। एसजीपीसी पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में गुरद्वारों का प्रबंधन संभालती है।


Download Android App
Download iOS App



