Delhi University : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने हिंदी विभाग में पीएचडी दाखिले के लिए जारी इंटरव्यू शेड्यूल वापस ले लिया है। छात्रों की ओर से कम समय में इंटरव्यू आयोजित करने और उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने के बाद विश्वविद्यालय ने यह फैसला लिया। इसके होने वाले 28, 29, 30, 31 अक्टूबर और 2 नवंबर को होने वाले सभी इंटरव्यू को रद्द कर दिया हैं। विश्वविद्यालय ने अभी तक नई तारीखों की घोषणा नहीं की है।
नोटिस जारी होने के अगले दिन ही लिया फैसला
विश्वविद्यालय ने 27 अक्टूबर की शाम को इंटरव्यू का कार्यक्रम जारी किया था। इसके अनुसार, शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को 28 अक्टूबर की सुबह 9:15 बजे रिपोर्ट करना था। छात्रों ने इतने कम समय में इंटरव्यू की तैयारी करने और दूसरे शहरों से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए यात्रा की व्यवस्था करने में होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया। विरोध के बीच विश्वविद्यालय ने अपना आदेश वापस ले लिया। हालांकि, नोटिस वापस लेने के पीछे प्रशासन ने कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है।
सीटों और शॉर्टलिस्टिंग पर भी उठे सवाल
छात्रों ने हिंदी विभाग में पीएचडी की 150 से अधिक सीटें होने के बावजूद इंटरव्यू के लिए सीमित संख्या में उम्मीदवारों को बुलाए जाने पर चिंता जताई। उनकी मांग है कि दाखिले की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता बरती जाए और आवेदन करने वाले सभी पात्र अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में शामिल होने का अवसर दिया जाए। एबीवीपी और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) ने भी चयन प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई। इस संबंध में हिंदी विभाग के बाहर प्रदर्शन कर निष्पक्ष और पारदर्शी दाखिला प्रक्रिया की मांग की गई। एबीवीपी ने नेट उत्तीर्ण उम्मीदवारों और केवल पीएचडी श्रेणी में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को भी उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग रखी।
नई तारीखों का इंतजार
छात्र संगठनों ने शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की सूची जारी होने और इंटरव्यू के बीच पर्याप्त समय देने की मांग की है। एबीवीपी के दिल्ली विश्वविद्यालय सचिव अक्षय प्रताप सिंह ने कहा कि संगठन उम्मीदवारों के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी मांगें उठाता रहेगा। फिलहाल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के नए कार्यक्रम और चयन प्रक्रिया में संभावित बदलावों को लेकर विश्वविद्यालय के अगले आदेश का इंतजार है।


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