CBI रेड के बाइ एक्साइज ‌कमिश्नर का तबादला, उठ रहे सवाल

Summary :

Delhi News : वेस्ट जिले के एक बेंक्वेट हॉल में गत 18 सितंबर को हुई सीबीआई रेड में प्राइवेट पर्सन पकड़े जाने के बाद से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। इस रेड से ठीक अगले दिन दिल्ली के एक्साइज कमिश्नर का तबादला होना इसे और हवा दे रहा है कि महज यह संयोग है या रेड के बाद की गई कार्रवाई का हिस्सा है। सीबीआई प्राइवेट पर्सन से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है, मगर आने वाले दिनों में इस प्रकरण में कई अन्य अधिकारियों पर भी गाज गिरने की आशंका से इंकार नहीं किया जा…

Delhi News : वेस्ट जिले के एक बेंक्वेट हॉल में गत 18 सितंबर को हुई सीबीआई रेड में प्राइवेट पर्सन पकड़े जाने के बाद से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। इस रेड से ठीक अगले दिन दिल्ली के एक्साइज कमिश्नर का तबादला होना इसे और हवा दे रहा है कि महज यह संयोग है या रेड के बाद की गई कार्रवाई का हिस्सा है। सीबीआई प्राइवेट पर्सन से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है, मगर आने वाले दिनों में इस प्रकरण में कई अन्य अधिकारियों पर भी गाज गिरने की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा है। रेड में आरोपी प्राइवेट पर्सन विक्रम उर्फ राधे को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था, जो कि अभी पूछताछ के लिए सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के पास रिमांड पर है। उसकी निशानदेही पर अभी तक करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक की रकम की बरामदगी बताई जा रही है। सबसे पहले विक्रम के ठिकाने से करीब 70 लाख रुपए बरामद किए गए थे।

सूत्रों के मुताबिक गत 18 सिंतबर को वेस्ट दिल्ली के कीर्ति नगर में ‘इनवाइटी बैंक्वेट हॉल’ के मालिक की ओर से सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने शिकायत मिलने पर छापेमारी की थी। आरोप था कि दिल्ली सरकार के एक्साइज विभाग में कार्यरत एक इंस्पेक्टर ने वहां छापेमारी या कोई कार्रवाई नहीं करने की एवज में रिश्वत की मांग की थी। यह रकम प्राइवेट पर्सन विक्रम के माध्यम से मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने अपना जाल बिछाकर आरोपी विक्रम को रिश्वत की रकम लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया, लेकिन फिलहाल एक्साइज इंस्पेक्टर को फरार बताया जा रहा है।

बताया गया है कि विक्रम की निशानदेही पर करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए की राशि बरामद हो चुकी है और अभी वह सीबीआई के रिमांड पर है, वह किस-किस अधिकारी के लिए काम करता है और किस-किस को आगे रिश्वत की रकम पहुंचाता है। ऐसी अनेक कड़ियों का खुलना अभी बाकी हैं।

अहम बात यह है कि छापेमारी से ठीक अगले दिल्ली के एक्साइज कमिश्नर, 2011 बैच के आईएएस रवि झा का तबादला अरुणाचल प्रदेश कर दिया गया। ऐसे में सीबीआई की रेड से भी कमिश्नर के तबादले को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि क्या यह महज संयोग रहा या रेड के बाद हुई कार्रवाई का संकेत है। प्राइवेट पर्सन विक्रम से पूछताछ में खुलासा होना बाकी है कि आखिर किन-किन कर्मचारी या अधिकारियों के माध्यम से रिश्वत की रकम को ऊपर बैठे आला अधिकारियों तक पहुंचाया जाता था।

विक्रम किन दूसरे अन्य बैंक्वेट हॉल और रेस्तरां से, जहां शराब परोसी जाती है, उनसे किन-किन अधिकारी के नाम पर मंथली रकम वसूल रहा था, यह भी जांच का विषय है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के एक्साइज विभाग के कई अधिकारी भी रडार पर हैं जिन पर गाज गिर सकती है। फिलहाल पूछताछ में विक्रम से सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा की टीम अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

Sumant Chaudhary