ब्रिक्स से त्योहार और सर्दियों तक सफाई की बड़ी चुनौती, एमसीडी ने कसी कमर

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BRICS : अगामी 12 से 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन व उसके बाद त्योहारों और फिर सर्दियों में प्रदूषण की चुनौती को देखते हुए दिल्ली नगर निगम ने सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने सभी 12 जोन के उपायुक्तों को सफाई कर्मचारियों की पूरी हाजिरी और फील्ड में प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। लगातार ड्यूटी में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई और वहीं जो बेहतर काम करने वालों को प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाएगा। आयुक्त संजीव खिरवार ने सोमवार को सिविक सेंटर…

BRICS : अगामी 12 से 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन व उसके बाद त्योहारों और फिर सर्दियों में प्रदूषण की चुनौती को देखते हुए दिल्ली नगर निगम ने सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने सभी 12 जोन के उपायुक्तों को सफाई कर्मचारियों की पूरी हाजिरी और फील्ड में प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। लगातार ड्यूटी में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई और वहीं जो बेहतर काम करने वालों को प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाएगा।

आयुक्त संजीव खिरवार ने सोमवार को सिविक सेंटर के केदारनाथ साहनी सभागार में सफाई व्यवस्था से जुड़े सुपरवाइजरी स्टाफ के साथ ‘ओपन हाउस’ बैठक की। इसमें कर्मचारियों ने सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं, सुझाव और अपने अनुभव सीधे आयुक्त के सामने रखे। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त अरुण कुमार मिश्रा और सभी 12 जोन के उपायुक्त भी मौजूद रहे।

संजीव खिरवार ने कहा कि सफाई एमसीडी की सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मौजूदा मानसून पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले निगम के लिए बेहतर रहा है और इसमें सफाई कर्मचारियों व अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। हालांकि आने वाले महीने ज्यादा चुनौतीपूर्ण होंगे। ब्रिक्स सम्मेलन के बाद त्योहारों के दौरान सफाई पर दबाव बढ़ेगा, जबकि सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण बड़ी जिम्मेदारी होगी। इसलिए अभी से तैयारी मजबूत करनी होगी।

आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा कि नागरिक अब सोशल मीडिया के जरिए गंदगी और दूसरी नागरिक समस्याओं की शिकायत तेजी से निगम तक पहुंचाते हैं। ऐसी शिकायतों को नकारात्मक रूप से लेने के बजाय व्यवस्था सुधारने का अवसर माना जाए। समस्या की जानकारी देने वाले नागरिकों की सराहना भी होनी चाहिए। सफाई व्यवस्था में मानव संसाधन पर दबाव कम करने के लिए एमसीडी ने मैकेनिकल रोड स्वीपर, लिटर पिकर सहित कई आधुनिक मशीनों और संसाधनों को शामिल किया है।

आयुक्त ने इनके प्रभावी इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक और मशीनी सफाई से काम की क्षमता बढ़ाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित जमीनी निगरानी, जवाबदेही और बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खिरवार ने कहा कि अधिकारी, सुपरवाइजरी स्टाफ और सफाई कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी समझकर काम करेंगे, तभी शहर की सफाई में बदलाव जमीन पर दिखाई देगा।

Sumant Chaudhary