दिल्ली में तेजी से खत्म होंगे कूड़े के पहाड़, बायोगैस प्लांट की होगी स्थापना

Summary :

बायोगैस प्लांट और लैंडफिल साइटों पर तेजी से काम

दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के लिए सरकार ने बायोगैस प्लांट और हरित ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल न केवल पर्यावरण को सुधारने के लिए है, बल्कि दिल्लीवासियों की सेहत को भी बेहतर बनाने के लिए है। लैंडफिल साइट्स पर काम तेजी से चल रहा है और कई जगहों पर वृक्षारोपण अभियान भी शुरू हो चुका है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कूड़े का पहाड़ सालों पुरानी समस्या है, लेकिन रेखा गुप्ता के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार लोगों को इससे निजात दिलाने के लिए तेजी से जुट गई है। कूड़े के पहाड़ को खत्म करने के लिए दिल्ली सरकार बायोगैस प्लांट और लैंडफिल साइटों पर तेजी से काम कर रही है। राजधानी दिल्ली में कचरा प्रबंधन को लेकर बड़ी पहल शुरू हो गई है। वर्षों से जमा हो रहे कूड़े के पहाड़ अब इतिहास बनने की कगार पर हैं। सरकार की योजना है कि अगले एक साल में इन लैंडफिल साइट्स को खत्म कर, उनके स्थान पर हरित ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएं। ओखला में एक पौधरोपण कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “हम दिल्ली को कूड़े से मुक्त और स्वच्छ बनाना चाहते हैं। यह केवल पर्यावरण सुधार का ही नहीं, बल्कि दिल्ली के लोगों की सेहत का भी सवाल है। गुणवत्ता सुधारने के लिए भी कदम उठाए हैं। कई जगहों पर वृक्षारोपण अभियान शुरू किए गए हैं और स्कूलों, अस्पतालों तथा सरकारी दफ्तरों में ग्रीन इनिशिएटिव पर जोर दिया जा रहा है। हम सिर्फ कूड़े का निस्तारण नहीं कर रहे, बल्कि उससे संसाधन भी पैदा कर रहे हैं।”

उन्होंने बताया, “दिल्ली को एक इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से चल रही इन योजनाओं पर देशभर की निगाहें हैं। दिल्ली में कचरे से निजात पाने की जो नई बहार चली है, वह न केवल पर्यावरण बल्कि जनता की उम्मीदों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।”

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मुख्यमंत्री ने बताया, “दिल्ली सरकार ने कई नई बायोगैस प्लांट्स की स्थापना की योजना बनाई है, जिनमें से कुछ पर काम पहले ही शुरू हो चुका है। इन प्लांट्स के जरिए जैविक कचरे से बायोगैस और खाद तैयार की जाएगी, जिससे न सिर्फ प्रदूषण कम होगा, बल्कि ऊर्जा का भी उत्पादन किया जा सकेगा। हर महीने लैंडफिल साइट्स पर काम में तेजी आ रही है। हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कूड़े के पहाड़ों को हटाने का काम अब डबल शिफ्ट में किया जा रहा है। इसके लिए कैंपों में अतिरिक्त मशीनरी और श्रमिकों की तैनाती की गई है।”

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