नई दिल्ली: केन्द्र सरकार छतों पर लगने वाले सोलर प्लांट पर सब्सिडी खत्म करने जा रही है। अब केवल 5 किलोवाट या उससे कम कैपेसिटी वाले सोलर प्लांट लगाने वालों को ही सब्सिडी दी जाएगी। इससे अधिक कैपेसिटी के सोलर प्लांट चाहे घर की छत पर लगें या किसी इंस्टीट्यूशन, कमर्शियल या गवर्नमेंट बिल्डिंग्स की छत पर लगें, केंद्र सरकार सब्सिडी नहीं देगी।
सरकार का तर्क है कि सोलर पावर, थर्मल और गैस के मुकाबले सस्ती हो चुकी है, इसलिए अब लोगों को सोलर पावर खरीदने के लिए प्रेरित करने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि अभी तक घर या कमर्शियल बिल्डिंग की छत पर सोलर प्लांट लगाने वालों को 30 फीसदी सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा कई राज्यों में भी सब्सिडी दी जाती है।
इंडस्ट्रियल बिल्डिंग पर सब्सिडी का फैसला पहले ही वापस लिया जा चुका है। जानकारी के मुताबिक मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी (एमएनआरई) द्वारा एक पॉलिसी लाई जा रही है, जिसमें प्रस्ताव रखा गया है कि सेंट्रल फाइनेंशियल असिस्टेंट (सीएफए) केवल रेजिडेंशियल सेक्टर में रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाने पर ही दी जाएगी। ताकि लोग अपने घर की छतों पर सोलर प्लांट लगाने में रुचि दिखाएं, लेकिन यह केवल 5 किलोवाट या उससे कम कैपेसिटी वाला प्लांट लगाने पर ही दी जाएगी।
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