हेमकुंड मामला : दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के CM धामी से की मुलाकात

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Hemkund Case : दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलो की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में निहंग सिंहों और स्थानीय लोगों के बीच हुए टकराव के मामले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस बारे में कालका ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी के साथ सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की कि निहंग सिंहों की गिरफ्तारी के बाद उनकी पिटाई करने तथा उन्हें नंगे सिर अदालत में पेश करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए।…

Hemkund Case : दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलो की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में निहंग सिंहों और स्थानीय लोगों के बीच हुए टकराव के मामले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की।

इस बारे में कालका ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी के साथ सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की कि निहंग सिंहों की गिरफ्तारी के बाद उनकी पिटाई करने तथा उन्हें नंगे सिर अदालत में पेश करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए।

दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट होगी प्रस्तुत

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि वह इस मामले में तुरंत डीजीपी से बातचीत करेंगे और जांच पूरी होने तक संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जानकारी दी है कि इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच डीआईजी यशवंत चौहान को सौंपी गई है, जो दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। रिपोर्ट आने के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं काहलो ने बताया कि इससे पहले डीजीपी ने इस मामले की जांच चमोली जिला पुलिस से लेकर एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर को सौंप दी है, जो मामले की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने संगत को संदेश देते हुए कहा कि उत्तराखंड स्थित सभी गुरुधामों, चाहे श्री हेमकुंट साहिब हो, रीठा साहिब हो अथवा अन्य कोई गुरुधाम के दर्शन के लिए आने वाली संगत को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में उन्होंने केवल दिल्ली कमेटी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की है और उनकी प्राथमिकता राज्य में शांति एवं सौहार्द बनाए रखना है।

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Avinay