Barapullah Phase – 3 : करीब 11 वर्षों के लंबे इंतजार, अनेक चुनौतियों और बार-बार बढ़ती समय-सीमाओं के बाद दिल्ली की बहुप्रतीक्षित बारापुला फेज-3 परियोजना ने सोमवार शाम ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली। यमुना नदी पर अंतिम डेक स्लैब की ढलाई सफलतापूर्वक पूरी हो जाने के साथ ही एलिवेटेड कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण संरचनात्मक कार्य संपन्न हो गया।
यमुना के दोनों किनारों को जोड़ने वाला अंतिम लिंक तैयार हो चुका है और परियोजना अब पूर्णता के अंतिम चरण में पहुंच गई है। ‘बारापुला फेज-3 के पूरा होने के बाद पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार होने की उम्मीद है। मयूर विहार, अक्षरधाम और आसपास के क्षेत्रों से सराय काले खां, एम्स तथा दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को सिग्नल-फ्री और तेज यात्रा का लाभ मिलेगा।
इस एलिवेटेड कॉरिडोर के खुलते ही मयूर विहार से एम्स तक पहुंचने में पहले जाम की वजह से करीब 1 घंटा लगता था, वहां सिर्फ 15 से 20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। सोमवार शाम अंतिम स्लैब की ढलाई में लगभग 175 घन मीटर कंक्रीट का उपयोग किया गया। अब तक परियोजना में कुल 4.5 लाख घन मीटर कंक्रीट इस्तेमाल हो चुका है, जो इसके विशाल पैमाने और इंजीनियरिंग की उत्कृष्टता को दर्शाता है।
इस उपलब्धि पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने निर्माण स्थल का दौरा किया और वर्षों से परियोजना पर कार्यरत श्रमिकों, इंजीनियरों तथा कर्मचारियों के साथ रात्रिभोज किया। मंत्री ने श्रमिकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज केवल एक स्लैब की ढलाई पूरी नहीं हुई है, बल्कि दिल्लीवासियों से किया गया एक महत्वपूर्ण वादा पूरा होने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा है।
पिछले एक दशक से लोग इस परियोजना के पूरा होने का इंतजार कर रहे थे। आज यमुना के दोनों किनारों का जुड़ना उस इंतजार के समाप्त होने का प्रतीक है।
2015 में शुरू हुई परियोजना लंबी समय तक अटकी रही
वर्ष 2015 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मूल रूप से 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन भूमि अधिग्रहण विवाद, विभिन्न मंजूरियों में देरी, तकनीकी जटिलताओं और प्रशासनिक कारणों से यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। समय के साथ इसकी लागत भी कई गुना बढ़ गई और यह दिल्ली की सबसे अधिक विलंबित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल हो गई। परंतु वर्तमान दिल्ली सरकार ने इसे प्राथमिकता परियोजना घोषित कर तेज गति से कार्य पूरा करने पर जोर दिया।
मयूर विहार से एम्स के बीच सिग्नल फ्री होगा ट्रैफिक : मंत्री
मंत्री ने कहा कि ‘बारापुला फेज-3 के पूरा होने के बाद पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार होने की उम्मीद है। मयूर विहार, अक्षरधाम और आसपास के क्षेत्रों से सराय काले खां, एम्स तथा दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को सिग्नल-फ्री और तेज यात्रा का लाभ मिलेगा। एनएच-24, डीएनडी फ्लाईवे, रिंग रोड और सराय काले खां जैसे प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव भी काफी कम होगा। इससे न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि वाहनों से होने वाला प्रदूषण भी घटेगा।
बारापुला फेज-3 आर्थिक विकास को देगा बढ़ावा : प्रवेश
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि बारापुला फेज-3 का पूरा होना दिल्ली के बुनियादी ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। अब बाकी बचे फिनिशिंग कार्य, सड़क कनेक्टिविटी, लाइटिंग और सेफ्टी इंस्टॉलेशन को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली सरकार का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि शहरवासियों के जीवन की गुणवत्ता भी सुधारेगी।
बारापुला फेज-3 का यह सफर चुनौतियों भरा रहा, लेकिन अंत में मेहनत, समर्पण और राजनीतिक इच्छाशक्ति ने जीत हासिल की। यह उपलब्धि साबित करती है कि लंबित सपनों को भी पूरा किया जा सकता है, जब इरादे मजबूत हों और टीम एकजुट हो। दिल्लीवासी अब जल्द ही इस नए यमुना लिंक से जुड़ी सुविधा का लाभ उठाने वाले हैं।
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