दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदाता ही भाग्य विधाता

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दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग मतदान की तारीख का ऐलान कर दिया है। आगामी 8 फरवरी को राजधानी दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा।

नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग मतदान की तारीख का ऐलान कर दिया है। आगामी 8 फरवरी को राजधानी दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इसके नतीजे 11 फरवरी को आएंगे। उधर, विधानसभा चुनाव से जुड़ी तैयारियों की जानकारी देते हुए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने सोमवार को राजधानी की फाइनल मतदाता सूची जारी की। 
सूची में इस बार 7.27 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 9 लाख 96 हजार 845 नए मतदाता जुड़े हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि इस बार 6जनवरी तक दिल्ली में कुल मतदाताओं की संख्या एक करोड़ 46 लाख 92 हजार 136 हैं। इसमें पुरुष मतदाता की संख्या 80 लाख 55 हजार 686 हैं, जबकि महिला मतदाता की संख्या 66 लाख 35 हजार 635 हैं। 
पिछले 18 सितंबर 2019 को प्रकाशित की गई मतदाता सूची में इस बार 7.27 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 9 लाख 96 हजार 845 नए मतदाता जुड़े  हैं। पिछली बार अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ 36 लाख 95 हजार 921 थी। डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस बार विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2020 के तहत एक सितम्बर 2019 से लेकर 31 दिसम्बर 2019 तक मतदाता सात्यपन कार्यक्रम चलाया गया। इस कार्यक्रम के तहत बूथ स्तर के अधिकारी(बीएलओ) ने लोगों के घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया। 
इसके तहत स्थानांतरित और मृतकों मतदाताओं की पहचान करके उनको हटाने और नई मतदाताओं को जोड़ने का काम किया गया। सिंह ने कहा कि इस बार 31 दिसम्बर तक चले मतदाता सत्यापन कार्यक्रम में मतदाता सूची में कुल 2 लाख 47 हजार 950 नाम जोड़े गए। इसके अलावा 60 हजार 848 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। इस अभियान के तहत 1 लाख 87 हजार 102 मतदाताओं की वृद्धि हुई है। सिंह ने बताया कि दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव में अधिकारियों और कर्मचारियों की कम आवश्यकता पड़ेगी, क्योंकि मतदान केंद्रों की कटौती की गई है।
18-19 आयु वर्ग के 2.8 लाख मतदाता कर सकेंगे वोट
दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि पहली बार 18 से 19 आयु वाले मतदाता विधानसभा में वोटिंग करने वाले की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहले जहां इनकी संख्या 97 हजार 684 थी तो वहीं अब इनकी संख्या 2  लाख 8  हजार 883 हो गई है। इस प्रकार थर्ड जेंडर में 5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ इनकी संख्या 815 हो गई है। पहले यह संख्या 810 थी। वहीं ईपीआईसी और पीईआर के मतदाताओं में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
ऐसे बनें 21 जनवरी तक दिल्ली के मतदाता
डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद भी कोई मतदाता चाहता है कि उसका नाम हो तो वह शामिल करा सकता है। मतदाता सूची में नाम नहीं होगा तो वोट नहीं डाल पाएंगे। इसके लिए उनको एनबीएसपी.इन वेबसाइट नाम दर्ज कराना होगा। अगर कोई मतदाता यह जानकारी प्राप्त करना चाहता है कि उसका नाम इस सूची है या नहीं। इसके लिए वह 1950 पर कॉल कर सकता है या फिर अपने मैसेज बॉक्स में ईपीआईसी लिखें और फिर वोटर कार्ड नंबर लिखकर 7738299899 नंबर पर मैसेज भेज कर 10 सेकेंड में सूचना पा सकते हैं। सिंह ने बताया कि जो नए मतदाता या 18 वर्ष पूरा कर चुके हैं वो अंतिम नोमिनेशन 21 जनवरी तक अपना नाम मतदाता सूची में डलवा सकते हैं।
चुनाव घोषणा के साथ ही दिल्ली में लागू हुई आदर्श आचार संहिता… दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान होने के साथ दिल्ली में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इस दौरान राजनीतिक दलों, उनके उम्मीदवारों और आम जनता को सख्त नियमों का पालन करना होगा। अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। 
उसे चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है और उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है। इन नियमों के तहत इस दौरान कोई भी दल ऐसा काम न करें, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े या घृणा फैले। राजनीतिक दलों की आलोचना कार्यक्रम व नीतियों तक सीमित हो, न कि व्यक्तिगत। धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। 
इसके अलावा राजनीतिक दलों द्वारा सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को दी जाए। सभा स्थल में लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति पहले प्राप्त करें। जुलूस का समय, शुरू होने का स्थान, मार्ग और समाप्ति का समय तय कर सूचना पुलिस को दें। जुलूस का इंतजाम ऐसा हो, जिससे यातायात प्रभावित न हो। राजनीतिक दलों का एक ही दिन, एक ही रास्ते से जुलूस निकालने का प्रस्ताव हो तो समय को लेकर पहले बात कर लें।
700 बेघर लोगों के जुड़े नाम 
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि 31 दिसम्बर तक चले मतदाता सत्यापन कार्यक्रम के दौरान 700 बेघर लोगों का नाम मतदाता सूची से जोड़ा गया है। इसके लिए अलग से एक विशेष अभियान चलाया गया था।
13 हजार 750 मतदान केंद्र 
दिल्ली ​विधानसभा की 70 विधानसभाओं में 2,689 स्थानों पर कुल 13 हजार 750 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।  सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील बूथों पर ​विशेष पुलिस का पहरा रहेगा। संवेदनशील बूथों का चयन कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसकी घोषणा भी कर दी जाएगी।
1.5 लाख से अधिक मतदाता अनुपस्थित
दिल्ली में डेढ़ लाख से अधिक मतदाता अनुपस्थित हैं, चुनाव आयोग को इन मतदाताओं के बारे में कोई जानकारी नहीं। आयोग नहीं जानता कि ये मतदाता दिल्ली में रहते है या नहीं। क्या जिंदा है या इनकी मौत हो गई है। दरअसल दिल्ली चुनाव आयोग ने मतदाताओं के वैरिफिकेशन के लिए अभियान चलाया था। इस अभियान के दौरान करीब डेढ़ लाख मतदाता ऐसे पाए गए जिनकी जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई। 
इस संबंध में दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि वैरिफिकेशन के दौरान करीब 1 लाख 55 हजार ऐसे मतदाता मिले जिसके संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि इनके नाम वोटर लिस्ट से काटे नहीं गए हैं। बल्कि मतदान के दौरान ऐसे वोटरों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
सूची से जुड़े 489 एनआरआई वोटर
डॉ. रणबीर सिंह ने बताया कि सत्यापन कार्यक्रम के दौरान 489 नए एनआरआई वोटर को जोड़ा गया है। इसके तहत इस साल होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में 489 नए एनआरआई वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। वहीं उन्होंने बताया कि लिंग अनुपात बढ़कर 824 हो गया है। जनवरी 2019 में यह 812 था।
11 हजार 556 हुआ सर्विस वोटर आंकड़ा  
डॉ. रणबीर सिंह ने बताया कि दिल्ली में 11 हजार 556 सर्विस वोटर हो गए हैं। जनवरी 2019 में इनकी संख्या 8,240 थी। इस बार 3,316 सर्विस वोटर की संख्या बढ़ गई है। वहीं दिल्ली में इपी रेसो 72.94 हो गया है, जो जनवरी 2019 में 69.29 था।

Desk Team