IPU 18th Convocation 2026: IP यूनिवर्सिटी का 18वां दीक्षांत समारोह, एलजी तरनजीत सिंह संधू और CM रेखा गुप्ता ने 26,649 छात्रों को सौंपीं डिग्रियां

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IPU 18th Convocation 2026: इस बदलते दौर में आपकी शिक्षा केवल डिग्रियों और किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अनुकूलनशीलता, तार्किक सोच और इनोवेशन का साहस होना अनिवार्य है। यह बात दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू ने गुरुवार को गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (जीजीएसआईपीयू) के 18वें दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों को आह्वान करते हुए कही। इस दौरान एलजी तरनजीत सिंह संधू और ​मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 26,649 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदानी कीं। उपराज्यपाल ने आगे कहा कि दीक्षांत समारोह केवल एक शैक्षणिक यात्रा का समापन नहीं है, बल्कि यह…

IPU 18th Convocation 2026: इस बदलते दौर में आपकी शिक्षा केवल डिग्रियों और किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अनुकूलनशीलता, तार्किक सोच और इनोवेशन का साहस होना अनिवार्य है। यह बात दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू ने गुरुवार को गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (जीजीएसआईपीयू) के 18वें दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों को आह्वान करते हुए कही। इस दौरान एलजी तरनजीत सिंह संधू और ​मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 26,649 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदानी कीं। उपराज्यपाल ने आगे कहा कि दीक्षांत समारोह केवल एक शैक्षणिक यात्रा का समापन नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में हजारों नई यात्राओं का शुभारंभ है। आज का युवा एक ऐसे दौर में कदम रख रहा है, जहां एआई और सस्टेनेबल इनोवेशन जैसी तकनीकें दुनिया को नया आकार दे रही हैं।
वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि छात्रों के वर्षों के कठिन परिश्रम, अटूट समर्पण और कड़े अनुशासन का प्रतिफल है। इस आयोजन में कुलपति प्रो. (डॉ.) महेश वर्मा और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। एलजी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को साकार करने के लिए देश को ऐसे समाधानकर्ताओं की आवश्यकता है, जो शहरी विकास, सार्वजनिक स्वास्थ्य और डिजिटल गवर्नेंस जैसी जटिल चुनौतियों का प्रभावी समाधान निकाल सकें।

26 हजार से अधिक छात्र डिग्रियों से नवाजे गए

दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 26,649 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 22,932 स्नातक, 3,582 स्नातकोत्तर, 11 एम. फिल. और 124 पीएचडी डिग्रियां शामिल हैं। इस वर्ष की सबसे गौरवशाली उपलब्धि पीएचडी प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में महिलाओं की 70 प्रतिशत भागीदारी रही। इसके अतिरिक्त, 76 गोल्ड मेडल और 6 मेमोरियल अवॉर्ड्स भी मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान किए गए।

ज्ञान को समाज के प्रति जिम्मेदारी मानें युवा, सुरक्षित हाथों में है देश का भविष्य: उपराज्यपाल

भारत का भविष्य प्रतिभाशाली युवाओं के हाथों में सुरक्षित हैः एलजी गुरु गोबिंद सिंह की महान शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि ज्ञान न्याय और सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी शिक्षा को केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि न मानकर, इसे समाज और राष्ट्र के प्रति एक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली और भारत का भविष्य इन प्रतिभाशाली युवाओं के हाथों में सुरक्षित है, जो अपने साहस, उद्देश्य और समर्पण से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे।

विकसित भारत के वास्तविक ‘सारथी’ हैं आज के स्नातक: सीएम रेखा गुप्ता

विकसित भारत के ‘सारथी’ बनेंगे आज के युवाः सीएम रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज स्नातक हो रहे युवा ही ‘विकसित भारत’ के स्वप्न को साकार करने वाले वास्तविक सारथी हैं। आपकी प्रतिभा और सामर्थ्य ही देश को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग न केवल व्यक्तिगत प्रगति के लिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए भी करें।

जॉब सीकर नहीं, ‘जॉब क्रिएटर’ बन रहे हैं युवा

युवाओं को ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बना रहा स्टार्टअप्सः सीएम मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय द्वारा एआई, रोबॉटिक्स, डेटा साइंस और डिजाइन इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से अटल इन्क्यूबेशन सेंटर का उल्लेख करते हुए कहा कि 170 से अधिक स्टार्टअप्स को समर्थन देकर विश्वविद्यालय युवाओं को ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बना रहा है। सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष दिल्ली का शिक्षा बजट 19,326 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सरकार का लक्ष्य केवल स्कूलों को स्मार्ट बनाना ही नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा में भी विश्वस्तरीय सुविधाएं सुनिश्चित करना है। दिल्ली सरकार जेईई, नीट और सीएलएटी जैसी परीक्षाओं के लिए 2,200 से अधिक छात्रों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान कर रही है।

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Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।