Kejriwal fresh Plea in Delhi High Court : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक नई याचिका दायर की है। इस अर्जी में उन्होंने मांग की है कि कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उनकी रिहाई को चुनौती देने वाली CBI की याचिका की सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को अलग किया जाए।
सूत्रों के मुताबिक इस अर्जी पर सोमवार को जस्टिस शर्मा के समक्ष सुनवाई हो सकती है। वहीं CBI की ओर से दाखिल मुख्य याचिका भी कोर्ट की सूची में आइटम नंबर 50 पर दर्ज है।
Kejriwal fresh Plea in Delhi High Court: केजरीवाल कर सकते हैं कोर्ट में बहस

लाइव ला के अनुसार यह अर्जी अरविंद केजरीवाल ने स्वयं दाखिल की है और संभावना है कि सोमवार को वे खुद अदालत में इस पर अपनी दलीलें रखें। इससे पहले उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को प्रशासनिक स्तर पर पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि मामले की सुनवाई किसी दूसरे जज को सौंप दी जाए।
हालांकि, हाईकोर्ट की रजिस्ट्री ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद केजरीवाल ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और मामले को दूसरे जज के पास ट्रांसफर करने की मांग की है।
ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपियों को किया था बरी
गौरतलब है कि 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया था। इनमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और बीआरएस नेता के. कविता जैसे प्रमुख नाम शामिल थे।
ट्रायल कोर्ट ने अपने फैसले में CBI की जांच प्रक्रिया पर भी कड़ी टिप्पणी की थी। इस मामले ने उस समय राजनीतिक तूल पकड़ लिया था, जब 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था। बाद में लगभग 156 दिनों की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। वहीं मनीष सिसोदिया भी इस मामले में करीब 530 दिन तक हिरासत में रहे थे।
Kejriwal fresh Plea in Delhi High Court: जज की टिप्पणी बनी वजह

जानकारी के लिए बता दें, ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ CBI ने हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने 9 मार्च को प्रारंभिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियां पहली नजर में सही नहीं लगतीं।
इसके बाद केजरीवाल ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर मामले को किसी अन्य जज को ट्रांसफर करने की मांग की।
निष्पक्ष सुनवाई को लेकर जताई आशंका
अपनी अर्जी में केजरीवाल ने कहा है कि उन्हें आशंका है कि मौजूदा परिस्थितियों में इस मामले की सुनवाई पूरी तरह निष्पक्ष और तटस्थ तरीके से नहीं हो पाएगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जस्टिस शर्मा ने पहले शराब नीति से जुड़े कई आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की थीं, जिन्हें बाद में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी।
इन्हीं आधारों पर AAP प्रमुख ने मामले की सुनवाई किसी अन्य न्यायाधीश के समक्ष स्थानांतरित करने की मांग की है।
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