नई दिल्ली : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली के प्रदूषण को 25 प्रतिशत तक कम करने के लिए सरकार की ओर से किए गए सफल प्रयास की जानकारी दुनिया के सामने रखेंगे। इसके लिए अरविंद केजरीवाल 9 से 12 अक्टूबर के बीच डेनमार्क के कोपेनहेगन में आयोजित हो रहे सी-40 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। दिल्ली के दुनिया के सबसे बड़े महानगरों में से एक होने के कारण सीएम केजरीवाल को यहां आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री जलवायु संकट पर विचार-विमर्श करने के लिए न्यूयॉर्क, लंदन, पेरिस, लॉस एंजेलिस और बर्लिन जैसे शहरों के नेताओं के साथ शामिल होकर अपनी बात रखेंगे। चार साल पहले तक दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल थी।
जिसके वायु प्रदूषण को अरविंद केजरीवाल के अथक प्रयास से कम करने में सफलता मिली। इस बैठक में मुख्यमंत्री बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए सरकार की ओर से किए गए प्रयासों पर भी प्रकाश डालेंगे जिससे जेनरेटर सेट का चलन दिल्ली में लगभग बंद हुआ। दिल्ली में औद्योगिक प्रदूषण में भी भारी कमी आई। मुख्यमंत्री के प्रयासों के कारण 95 फीसद इंडस्ट्री के सीएनजी में शिफ्ट होने से औद्योगिक प्रदूषण में गिरावट आई। साथ ही दो थर्मल पावर प्लांट को भी बंद किया गया।
इस बारे में पर्यावरण मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि यह भारत के लिए गर्व का विषय है कि भारत के एक नेता दुनिया के सामने दिल्ली की सफलता की कहानी पेश करेंगे। सीएम केजरीवाल वायु-प्रदूषण पर भविष्य की कार्ययोजना पर शिखर सम्मेलन के दौरान भी बात करेंगे। ‘ही ब्रीथ डीप्ली’ शीर्षक से एक सत्र में शहर के नेता, विशेषज्ञ और व्यापारिक नेता उन शहरों में चल रहे नए समाधानों पर चर्चा करेंगे।
सीएम इस सम्मिट में ऑड ईवन योजना के बारे में भी अपनी बात रखेंगे। ऑड ईवन पर पहली बार जनवरी 2016 में अंतरराष्ट्रीय जिज्ञासा उत्पन्न हुई थी। दिल्ली के अलावा केवल पेरिस और कुछ अन्य शहरों ने इस तरह की योजना को सफलतापूर्वक लागू किया है। मुख्यमंत्री ‘एशियन मेयर और सिटी लीडर्स कम कार्बन समावेशी विकास बैठक’ नामक शिखर सम्मेलन के दौरान एक कार्यक्रम में भी विशिष्ट वक्ता हैं।


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