Delhi News : ट्रैफिक चालान से जुड़े नियमों में हाल ही में किए गए संशोधन के विरोध में दिल्ली की सभी जिला अदालतों में सोमवार को अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया और संशोधित प्रावधानों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। बता दें कि इस संशोधन के तहत ट्रैफिक चालानों की सुनवाई की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव अनिल बसोया ने बताया कि मोटर व्हीकल रूल्स के नियम 167 में संशोधन कर दिल्ली सरकार ने ट्रैफिक चालानों की सुनवाई के लिए एसडीएम, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट और विभागीय अधिकारियों को अधिकृत किया है। उन्होंने कहा कि पहले ट्रैफिक चालानों से जुड़े मामलों की सुनवाई अदालतों में मजिस्ट्रेट के समक्ष होती थी लेकिन नए नियमों के बाद इस प्रक्रिया में बदलाव किया गया है और चालान से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को भी अधिकार दिया गया है।
नए प्रावधान के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ ट्रैफिक चालान जारी किया जाता है, तो उसे या तो निर्धारित चालान राशि का भुगतान करना होगा या चालान जारी होने के 45 दिनों के भीतर दिल्ली सरकार की ओर से नियुक्त अधिकारियों के समक्ष उसका विरोध दर्ज कराना होगा। नए नियम के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति 45 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर चालान का विरोध नहीं करता है, तो यह माना जाएगा कि उसने चालान स्वीकार कर लिया है। वकीलों का कहना है कि नियमों में इस बदलाव का असर न्यायिक प्रक्रिया और अदालतों में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों की सुनवाई पर पड़ेगा।


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