Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन योजना के तहत कार्यों में शिथिलता और लापरवाही के चलते 16 इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है, वहीं, कई इलाकों में काम में लगातार लापरवाही सामने आ रही है। जिन क्षेत्र में काम सरकार की मंशा के अनुरूप पूरा नहीं हो रहा है, वहां के 16 इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी प्रमुख सचिव, पी नरहरि ने जल जीवन मिशन के कार्यों की विस्तृत समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। नरहरि ने कार्यों में शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने तीन अधीक्षण यंत्रियों एवं 13 कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
Jal Jeevan Mission: काम में भारी अनियमितता
उन्होंने साथ ही स्पष्ट किया कि कार्यों की धीमी प्रगति के लिए संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रदेश के समस्त जिलों के अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं सहायक यंत्री स्तर तक के अधिकारी से जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रही योजनाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। समीक्षा बैठक में एकल नलजल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने की प्रगति की जिलेवार समीक्षा की गई।

प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के आधार पर यह पाया गया कि कई जिलों में घरों तक नल कनेक्शन प्रदान किए जाने की गति निर्धारित लक्ष्यों और तय समय-सीमा के अनुरूप नहीं है, जिससे मिशन के उद्देश्यों की पूर्ति प्रभावित हो रही है।
Jal Jeevan Mission: अधिकारियों को कड़ा निर्देश
प्रमुख सचिव ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि एकल नलजल प्रदाय योजनाओं के अंतर्गत शेष बचे कार्यों को निर्धारित समयावधि में अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए और नियमित रूप से प्रगति की निगरानी की जाएगी। प्रमुख सचिव नरहरि ने कहा कि जल जीवन मिशन राज्य शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।

Madhya Pradesh: लापरवाही बरतने पर होगी सख्त कार्रवाई
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल भौतिक संरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण जनजीवन की गुणवत्ता में सुधार से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कार्यों की प्रगति में किसी प्रकार की शिथिलता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सचिव ने कहा कि फील्ड स्तर पर समन्वय बढ़ाते हुए गुणवत्ता, समय-सीमा और पारदर्शिता के साथ कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
ALSO READ: Delhi: अमित शाह शुक्रवार को बांसेरा में DDA के पतंग महोत्सव का करेंगे उद्घाटन


Download Android App
Download iOS App




