Bhalswa Landfill Site : भलस्वा लैंडफिल साइट पर दशकों से जमा कचरे के पहाड़ को खत्म करने की कवायद अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। यहां अब करीब 4 से 5 लाख टन लिगेसी कचरा बचा है। एमसीडी का दावा है कि इसे जल्द साफ करने के लिए बायो माइनिंग में लगी मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। शनिवार को लैंडफिल साइट का निरीक्षण करने पहुंचे महापौर प्रवेश वाही ने अधिकारियों को पुराने कचरे का निस्तारण निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के साथ नए कचरे के निस्तारण की रफ्तार दोगुनी करने के निर्देश दिए।
महापौर प्रवेश वाही ने अधिकारियों के साथ साइट पर चल रहे बायो माइनिंग कार्य का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यहां प्रतिदिन करीब 15 हजार मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया जा रहा है और पहले के मुकाबले कचरे का पहाड़ काफी कम हो चुका है। अब बचे हुए लिगेसी कचरे को हटाने के लिए अतिरिक्त मशीनें लगाई जाएंगी। निगम की कोशिश कचरा हटाकर खाली होने वाली जमीन का जल्द रिक्लेमेशन करने की है।
महापौर के मुताबिक सितंबर के बाद भलस्वा में आने वाले नए कचरे के निस्तारण में भी तेजी लाई जाएगी। अधिकारियों को इसके निस्तारण की मौजूदा रफ्तार दोगुनी करने को कहा गया है। इसके साथ ही साइट पर वेस्ट टू एनर्जी संयंत्र लगाने का काम चल रहा है। संयंत्र शुरू होने के बाद कचरा निस्तारण की क्षमता और बढ़ने की उम्मीद है। बायो माइनिंग से निकलने वाले इनर्ट का इस्तेमाल जमीन की भराई में किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त आयुक्त अरुण कुमार मिश्रा, प्रमुख अभियंता के.के. शर्मा सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के स्वच्छ, सुंदर और कचरा मुक्त दिल्ली के लक्ष्य को पूरा करने के लिए निगम काम कर रहा है। उन्होंने लोगों से कूड़े को चार अलग-अलग श्रेणियों में पृथक कर निस्तारण में सहयोग करने की अपील भी की।


Download Android App
Download iOS App




