West Delhi Crime News : कंझावला इलाके में गत 16 जुलाई को एक व्यक्ति की कार से कुचलकर हत्या के आरोप में पुलिस मुख्य आरोपी जगपाल समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी जगपाल डबास ने 22 साल पहले बहन के साथ हुई छेड़छाड़ का बदला लेने के लिए पहले स्कूटी सवार दीपक डबास को कार से टक्कर मारकर गिरा दिया। फिर कई बार उसके ऊपर कार चढ़ाई और फरार हो गया। इस हत्या को कार एक्सीडेंट का रूप देने की कोशिश की गई। मगर पुलिस ने एक आरोपी सागर उर्फ कालिया को गिरफ्तार कर इस ब्लाइंड मर्डर केस से पर्दा उठा दिया। आरोपियों के पकड़े जाने के बाद एक और खुलासा हुआ है कि 16 जुलाई से पहले 2 जुलाई और फरवरी माह में आरोपियों ने दीपक पर जानलेवा हमला किया था, लेकिन दोनों ही बार दीपक बच गया था। तीसरी बार में आरोपियों ने दीपक को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए पांचों आरोपियों की पहचान पवन उर्फ जगपाल डबास (45), सागर उर्फ कालिया (30), अतुल उर्फ मोंटी (30), सेक्टर-23, सोनीपत, हरियाणा निवासी साहिल (24) और प्रिंस उर्फ टिल्ली (24) के तौर पर हुई है। वारदात में अन्य आरोपियों की तलाश है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो, आई-10 कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी सागर के पिता की भी दीपक की पुरानी रंजिश थी। सागर के पिता की मौत हो चुकी है, लेकिन सागर दीपक से पिता का बदला लेना चाहता था। पिछले करीब एक-डेढ़ साल से सागर और जगपाल मिलकर दीपक की हत्या की योजना बना रहे थे। जगपाल के भांजे साहिल ने साजिश रचने और सबूत मिटाने में अपने मामा जगपाल की मदद की।
डीसीपी (रोहिणी) शशांक जायसवाल ने बताया कि गत 16 जुलाई को दीपक डबास की हत्या के बाद पुलिस ने अगले दिन 17 जुलाई को सागर को गिरफ्तार कर लिया था। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए वारदात में अपना हाथ होने की बात की। दूसरे आरोपियों को उसने बचाने की खूब कोशिश की, लेकिन पुलिस की जांच में सारा राज खुल गया।
जांच में पता चला योजना के तहत सबसे पहले इसी साल फरवरी में जगपाल और सागर ने मिलकर दीपक पर गोली चलाकर हमला करवाया था। सागर का भाई अपने दो अन्य साथियों के साथ दीपक के घर पहुंचा। वहां उसने कई राउंड गोलियां चलाकर दीपक को मारने का प्रयास किया, लेकिन दीपक उस समय बच गया।
वहीं, दूसरी बार 2 जुलाई को सागर ने आई-10 कार से दीपक और उसके बेटे को कुचलने का प्रयास किया। वारदात के दौरान दीपक व उसका बेटा जख्मी हो गए। सागर मौके से फरार हो गया। बाद में उसने अपनी आई-10 कार दोस्त अतुल उर्फ मोंटी के घर खड़ी की। पुलिस ने मामले में अतुल को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने साहिल को 22 जुलाई को गिरफ्तार किया। स्कोर्पियो कार उपलब्ध करवाने के मामले में 26 जुलाई को प्रिंस उर्फ टिल्ली को गिरफ्तार किया गया। सबसे अंत में 12 अगस्त को जगपाल को कावंड़ कैंप, माजरा डबास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को सागर के भाई समेत कई अन्य आरोपियों की तलाश है।


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