Nari Shakti Vandan Adhiniyam: नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में शुक्रवार को हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई। फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्यातिथि रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने की। इस अवसर डीयू दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो और रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता सहित अनेकों प्रिंसिपल, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं भी हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया एवं सभी महिलाओं को इसमें हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर छात्राओं ने ‘अब नेतृत्व की बारी है, नारी शक्ति वंदन की जिम्मेदारी है’ के ज़ोरदार नारे भी लगाए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रशासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है। जब महिलाएं निर्णय लेने वाले पदों पर पहुंचेंगी, तभी वे समाज, परिवार और अपनी जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी बदलाव ला सकेंगी। दिल्ली में चलने वाली ‘लखपति बिटिया’ और ‘अनमोल’ जैसी योजनाएं इसी संवेदनशील दृष्टिकोण का परिणाम हैं, जो महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करती हैं। कार्यक्रम के दौरान ‘अब नेतृत्व की बारी है, नारी शक्ति वंदन की जिम्मेदारी है’ और ‘सशक्त नारी, समृद्ध राष्ट्र’ जैसे संदेशों के माध्यम से महिला नेतृत्व और समान प्रतिनिधित्व के महत्व को रेखांकित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह ‘बेटी बचाओ’ से ‘बेटी बढ़ाओ’ तक की यात्रा को साकार करेगा।
महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग दशकों पुरानी है। 1931 से शुरू हुई यह पहल कई चरणों से गुजरी और वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का कानून बनना इस लंबे संघर्ष का परिणाम है और अब इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनें और महिला सशक्तीकरण के इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दें। जब महिलाएं निर्णय प्रक्रिया में बराबरी से भाग लेंगी, तभी लोकतंत्र वास्तव में मजबूत बनेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ देश में राजनीतिक प्रतिनिधित्व का नया अध्याय लिखेगा और भारत को एक अधिक सशक्त, संतुलित और प्रगतिशील लोकतंत्र के रूप में स्थापित करेगा।
समर्थन के लिए जारी किया नंबर, करना होगा मिस्ड कॉल
इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इस ऐतिहासिक पहल के प्रति अपना समर्थन दर्ज कराया। यहां उपस्थित नागरिकों से अपील की गई कि वे इस पहल के समर्थन में आगे आएं और निर्धारित नंबर 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। हस्ताक्षर अभियान के बाद मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित चाय स्टॉल पर छात्राओं और महिला शिक्षकों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सभी के साथ चाय पीते हुए उनकी राय, अनुभव और सुझावों को गंभीरता से सुना। इस आत्मीय बातचीत के माध्यम से मुख्यमंत्री ने न केवल युवाओं और शिक्षकों से सीधा संवाद स्थापित किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच संवाद जितना सरल और सहज होगा, नीतियां उतनी ही प्रभावी और जनोन्मुखी बनेंगी।
33 फीसदी महिलाओं का प्रतिनिधित्व नई ताकत
रेखा गुप्ता ने कहा कि हम सबको मिलकर इस अधिनियम के समर्थन में अपने विचार रखने हैं, यह नारी शक्ति के लिए बहुत बड़ा निर्णय होगा। उन्होंने कहा कि हर हस्ताक्षर में उनका सपना है, आगे बढ़ने का हौसला है और बराबरी से भागीदारी का भरोसा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज नारी शक्ति विकास की सहभागी ही नहीं, विकसित भारत की निर्माणकर्ता और नेतृत्वकर्ता बन रही है। लोकसभा और विधानसभाओं में 33 फीसदी प्रतिनिधित्व की दिशा में यह कदम देश की बेटियों को नई ताकत देगा। रेखा गुप्ता ने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में इस दिशा में आगे बढ़ते कदम, देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के सपनों, संघर्षों और आकांक्षाओं को नई दिशा और नया विश्वास देंगे।
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