हटेंगे नेहरू प्लेस से गैर-कानूनी वेंडर्स, कोर्ट ने कहा, नेहरू प्लेस नो वेंडिंग और नो हॉकिंग जोन

Summary :

Nehru Place No Vending Zone : दिल्ली की जानी मानी कमर्शियल हब नेहरू प्लेस में रेहड़ी पटरी वालों को हटाने का आदेश दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया है।कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम को नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में काम कर रहे अवैध वेंडरों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने को कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह इलाका पहले से ही “नो-वेंडिंग” और “नो-हॉकिंग” जोन घोषित किया जा चुका है। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने जारी अपने आदेश में कहा कि नेहरू प्लेस इलाके में हॉकरों और वेंडरों को इजाजत देने से सुरक्षा…

Nehru Place No Vending Zone : दिल्ली की जानी मानी कमर्शियल हब नेहरू प्लेस में रेहड़ी पटरी वालों को हटाने का आदेश दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया है।कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम को नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में काम कर रहे अवैध वेंडरों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने को कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह इलाका पहले से ही “नो-वेंडिंग” और “नो-हॉकिंग” जोन घोषित किया जा चुका है।

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने जारी अपने आदेश में कहा कि नेहरू प्लेस इलाके में हॉकरों और वेंडरों को इजाजत देने से सुरक्षा और संरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, और वहां केवल सीमित संख्या में अधिकृत वेंडरों को ही काम करने की अनुमति है. कोर्ट ने इस मामले में दो वेंडरों की याचिका खारिज करते हुए दिल्ली नगर निगम को तुरंत कार्रवाई करने और इलाके से सभी अवैध वेंडरों को हटाने का निर्देश दिया.

Nehru Place No Vending Zone: ‘नो-वेंडिंग’ जोन घोषित

Nehru Place No Vending Zone
Nehru Place No Vending Zone (Source: Social Media)

इससे पहले कोर्ट ने 24 मार्च को दिए अपने फैसले में इस बात पर जोर दिया कि अधिकृत वेंडरों के लिए भी, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दूसरी जगह बसाने के आदेश जारी किए हैं.

कोर्ट ने कहा, “इस बात का न्यायिक संज्ञान लिया जा सकता है कि नेहरू प्लेस को पहले ही ‘नो-वेंडिंग’ और ‘नो-हॉकिंग’ जोन घोषित किया जा चुका है. यह साफ है कि नेहरू प्लेस में हॉकरों और वेंडरों को अनुमति देने से पूरे कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा और संरक्षा को लेकर चिंता काफी बढ़ गई हैं. इस इलाके में सीमित संख्या में ही वेंडरों को काम करने की अनुमति दी गई है, जिनके लिए भी सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दूसरी जगह बसाने या उनके लिए कोई खास जगह तय करने पर विचार करने के निर्देश जारी किए हैं.”

Delhi High Court: 2 याचिकाएं दाखिल हुई थीं

बता दें, दिल्ली हाई कोर्ट में दो वेंडरों ने याचिका दाखिल कर मांग की थी कि उन्हें नेहरू प्लेस के मानसरोवर बिल्डिंग के सामने अपनी दुकान लगाने से न रोका जाए. उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि वे साल 2000 की शुरुआत से यहां रेहड़ी लगाकर काम कर रहे हैं और उन्हें स्ट्रीट वेंडर्स जीविका संरक्षण और सड़क विक्रय विनियमन अधिनियम 2014 के तहत संरक्षण मिलना चाहिए.

हालांकि उनकी याचिका पर कोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामले में सुनवाई हो चुकी है और कहा जा चुका है कि नेहरू प्लेस में वेंडिंग कि इजाजत नहीं है। बता दें 15 पेज के आदेश में, कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया.

Street Vendors: दोनों वेंडर्स के पास कानूनी अधिकार नहीं

कोर्ट ने न सिर्फ याचिका को खारिज किया बल्कि दोनों वेंडर्स पर 10 हजार का जुर्माना भी लगा दिया है और MCD को निर्देश दिया कि वह ध्यान रखे कि इस जोन में किसी भी गैर-कानूनी वेंडर को काम करने की अनुमति न दी जाए.

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।