नई दिल्ली : लोकसभा चुनावों से ठीक पहले भाजपा के पाले में जाने वाले आप के बागी विधायक कर्नल देवेन्द्र सहरावत और अनिल वाजपेयी को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने बड़ा खुलासा किया है। पार्टी का कहना है कि दोनों विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को शपथ पत्र देकर आप विधायक होने का दावा किया है और भाजपा में शामिल होने की खबरों को झूठा बताया है। मामले के मुख्य शिकायतकर्ता एवं ग्रेटर कैलाश से आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेसवार्ता कर कहा कि अब इस मामले में पांच समाचार पत्रों के संपादक एवं रिपोर्टर को विधानसभा अध्यक्ष ने नोटिस जारी कर 20 जुलाई को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है।
लोकसभा चुनाव से पूर्व 3 और 6 मई को भाजपा कार्यालय में हुई प्रेसवार्ता में आप के दो विधायक अनिल वाजपेयी और कर्नल देवेन्द्र सहरावत पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गये थे। भाजपा कार्यालय में पार्टी नेता विजय गोयल, श्याम जाजू एवं विजेन्द्र गुप्ता सहित कई बड़े नेताओं ने इन दोनों को पार्टी में शामिल किया था। मैंने दोनों विधायकों की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की तो जवाब में इन दोनों नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष को शपथ पत्र देकर फिर से आप का विधायक होने का दावा किया है।
दलील दी है कि समाचार पत्रों और टीवी न्यूज चैनलों में चली खबरें झूठी और भ्रामक हैं। भारद्वाज ने भाजपा में शामिल होने की खबरों की कटिंग भी दिखाई। विजय गोयल बताएं कि ये दोनों विधायक उनकी पार्टी में हैं या नहीं। वहीं भाजपा के वकीलों का तर्क है कि इस बारे में छपी खबरों के लिए पत्रकार और समाचार पत्र जिम्मेदार हैं।
पहले केजरीवाल और सिसोदिया जवाब दें : अनिल वाजपेयी
दलबदल कानून के तहत विधानसभा की कार्यवाही का सामना कर रहे आप के बागी विधायक अनिल वाजपेयी ने कहा कि सौरभ भारद्वाज कोई अथॉरिटी नहीं है कि हमारे शपथपत्र को प्रकाशित करें। केवल विधानसभा अध्यक्ष ऐसा कर सकते हैं। रही बात भाजपा का मंच साझा करने और पटका पहनने की तो सीएम अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने भी ममता बनर्जी, चन्द्रबाबू नायडू और अखिलेश यादव का मंच साझा किया और पटका पहना।
इसीलिए पहले डिसक्वालीफिकेशन केजरीवाल और सिसोदिया का होना चाहिए और उन्हें ही पहले जवाब देना चाहिए, इसके बाद मैं अपना जवाब दूंगा। इसके अलावा वाजेपयी ने कहा कि आम आदमी पार्टी का संविधान कहता है कि इस मामले में पहले हमें नोटिस भेजा जाना चाहिए था, जिसका जवाब हम देते लेकिन हम पर सीधे भाजपा में शामिल होने का आरोप लगा दिया गया।


Download Android App
Download iOS App



