नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने पायलेट्स के ड्यूटी ऑवर को लेकर केंद्र सरकार और डीजीसीए को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और सी हरि शंकर की बेंच ने एक याचिका की सुनवाई के बाद ये नोटिस जारी किया। दरअसल, इस याचिका में कहा गया है कि भारत में पायलट्स को फ्लाइट उड़ाने के लिए जो अंतरराष्ट्रीय नियम बने हुए हैं उन्हें फॉलो नहीं किया जाता। और डीजीसीए ने भी इसके लिए कोई खाका तैयार नहीं किया है जिससे फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन यानी कि उड़ान के निश्चित घण्टे वाला नियम लागू हो रहा है या नहीं। इसके लिए कोई तंत्र काम नहीं करता।
याचिका में ये भी कहा गया कि अक्सर पायलट्स अपनी ड्यूटी से ज्यादा देर तक काम करते हैं। इसका एक कारण है कि उनकी ड्यूटी निर्धारित ही नहीं की जाती। इस पर बेंच ने कहा कि ये बेहद गंभीर मामला है और इस पर तुरंत कदम उठाने की जरूरत है। हाईकोर्ट ने फ्लाइट्स के और पायलट्स के काम के समय की जानकारी भी मांगी। हाईकोर्ट ने कहा कि क्या ऐसा कोई कानून है जो पायलट्स को 8 घंटों से ज्यादा जहाज उड़ाने के लिए बाध्य करें। याचिका लगाने वाले केरल निवासी यशवंत शेनॉय ने कहा कि पायलट के लंबे समय तक काम करने के मामले में डीजीसीए कोई कदम नही उठाता, ये ऑपरेटर अपने हिसाब से तय करने में लगे है जो कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के विपरीत है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च को होगी।
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