एनएसटीएफडीसी का 25वां स्थापना दिवस: जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने में निगम की भूमिका सराहनीय – जुएल ओराम

Summary :

NSTFDC 25th Foundation Day: भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम(एनएसटीएफडीसी) ने नई दिल्ली स्थित विश्व युवा केंद्र में अपना 25वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने देशभर में अनुसूचित जनजाति समुदायों को सशक्त बनाने में एनएसटीएफडीसी की परिवर्तनकारी भूमिका की तारीफ की। इसके जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर देते हुए, उन्होंने निगम के बिना जमानत वित्तीय सहायता प्रदान करने पर विशेष ध्यान को रेखांकित किया, जिससे जनजातीय लाभार्थियों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित हो सके। व्यक्तियों को नौकरी मांगने…

NSTFDC 25th Foundation Day: भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम(एनएसटीएफडीसी) ने नई दिल्ली स्थित विश्व युवा केंद्र में अपना 25वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने देशभर में अनुसूचित जनजाति समुदायों को सशक्त बनाने में एनएसटीएफडीसी की परिवर्तनकारी भूमिका की तारीफ की। इसके जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर देते हुए, उन्होंने निगम के बिना जमानत वित्तीय सहायता प्रदान करने पर विशेष ध्यान को रेखांकित किया, जिससे जनजातीय लाभार्थियों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित हो सके।

व्यक्तियों को नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनाना

जुएल ओराम ने कहा कि एनएसटीएफडीसी का विजन सिर्फ रोजगार सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्यमिता को बढ़ावा देना और व्यक्तियों को नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनाना है। उन्होंने बताया कि एनएसटीएफडीसी द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता लाभार्थियों के जीवन में परिवर्तनकारी साबित हुई है, जिससे उनमें जिम्मेदारी और वित्तीय अनुशासन की मजबूत भावना विकसित हुई है।
कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा, संयुक्त सचिव अनंत प्रकाश पांडेय तथा एनएसटीएफडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक(सीएमडी) टी. रौमुआन पैते सहित निगम के पूर्व सीएमडी और देशभर की राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।