नई दिल्ली : बीते आठ दिनों से अनशन पर बैठी स्वाति मालिवाल ने अनशन तोड़ने से एक बार फिर इंकार कर दिया है। स्वाति मालीवाल का कहना है कि जब तक उनकी सारी मांगे नहीं मानी जाती हैं तब तक वे अपना अनशन नहीं तोडे़गी। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वाति मालीवाल से मिलने पहुंचे और केजरीवाल ने स्वाति मालीवाल से अनशन तोड़ने की मांग की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी समता स्थल पहुंचे। उन्होंने स्वाति मालीवाल से अपना अनशन खत्म करने को कहा कि मगर स्वाति ने मना कर दिया। केजरीवाल ने कहा कि स्वाति मालीवाल एक महान लड़ाई लड़ रही हैं|
एक लम्बी लड़ाई के लिए उनका स्वस्थ्य रहना जरूरी है, इसलिए मैं उनसे उनकी लड़ाई खत्म करने को नहीं कह रहा हूं, लेकिन मेरी उनसे यह गुजारिश है कि वह थोड़ा विराम ले लें जिससे वह पूरी ताकत से यह लड़ाई लड़ सकें। मैं उनसे प्रार्थना कर रहा हूं कि वह अपना अनशन खत्म कर दें मगर वह अपने निर्णय पर अडिग हैं, हम उनके सभी निर्णय पर उनके साथ हैं। अनशन के आठवें दिन स्वाति मालीवाल ने वित्त विभाग को नोटिस भेजा और उनसे दिल्ली पुलिस की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है। उन्होंने लिखा है कि केन्द्रीय दिल्ली पुलिस में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय द्वारा अनुमोदित कई प्रस्ताव पिछले कई महीनों से वित्त मंत्रालय के पास लंबित है।
उन्होंने इस बारे में सूचना मांगी है जैसे कि, दिल्ली पुलिस की संख्या बढ़ने के कितने प्रस्ताव विभाग में आये, उन पर क्या कार्रवाई की गयी और अभी कितने प्रस्ताव पास होने के लिए लंबित हैं। स्वाति मालीवाल ने केंद्र द्वारा उच्चतम न्यायालय में दाखिल किए गए शपथ पत्र पर संतोष जताया जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार 12 साल से कम उम्र के बच्चों के बलात्कारियों को फांसी की सजा देने के लिए कानून में संशोधन करने पर विचार कर रही है। अभी काफी लम्बा रास्ता तय करना है। केवल अदालत में शपथ पत्र देना काफी नहीं है, केंद्र को पर्याप्त फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बनाने पड़ेंगे, दिल्ली पुलिस की संख्या 66000 बढ़नी चाहिए और फॉरेंसिक लैब को सुदृढ़ करना पड़ेगा ताकि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के मामले में 6 महीने में मुकदमा पूरा हो और बच्चों के बलात्कारियों को फांसी की सजा मिल सके।
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