झुग्गीवासियों के पक्के मकानों का रास्ता हुआ साफ, 19 साल पुरानी व्यवस्था में बदलाव

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Delhi Assembly :  दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को विधानसभा में ऐतिहासिक दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) पर तीखा हमला बोला। आशीष सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्णायक मार्गदर्शन और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी शासन के कारण दिल्ली में झुग्गी पुनर्वास की व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव का मार्ग प्रशस्त हुआ है। दिल्ली विधानसभा में दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) एक्ट 2010 संशोधन बिल विधानसभा में पास होने…

Delhi Assembly :  दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को विधानसभा में ऐतिहासिक दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) पर तीखा हमला बोला। आशीष सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्णायक मार्गदर्शन और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी शासन के कारण दिल्ली में झुग्गी पुनर्वास की व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

दिल्ली विधानसभा में दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) एक्ट 2010 संशोधन बिल विधानसभा में पास होने के बाद चर्चा के दौरान दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार ने दिल्ली की बदलती वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए 19 साल पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि डूसिब एक्ट में संशोधन के माध्यम से झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों की पहचान के लिए निर्धारित एक जनवरी 2006 की कटऑफ तारीख को बढ़ाकर एक जनवरी 2025 किया जा रहा है।

आशीष सूद ने कहा कि यह संशोधन केवल कानून में बदलाव नहीं है, बल्कि दिल्ली के गरीब और झुग्गीवासियों को बेहतर जीवन, पक्के मकान और सम्मानजनक पुनर्वास उपलब्ध कराने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि इस संशोधन के साथ डूसिब की पुनर्विकास, सिविक इंप्रूवमेंट और रिसेटलमेंट से जुड़ी जिम्मेदारियों का दायरा भी बढ़ेगा। दिल्ली सरकार इन-सीटू डेवलपमेंट के मॉडल को आगे बढ़ाएगी, ताकि झुग्गीवासियों को उनके वर्तमान क्षेत्र में ही बेहतर और पक्के मकान उपलब्ध कराए जा सकें और उनके रोजगार एवं सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

पूर्ववर्ती सरकारों ने सिर्फ जहां झुग्गी, वहां मकान जैसे नारे दिए

शहरी विकास मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने वर्षों तक अफोर्डेबल हाउसिंग फॉर ऑल और ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ जैसे नारे दिए, लेकिन जमीनी स्तर पर झुग्गीवासियों के जीवन में अपेक्षित बदलाव नहीं किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 के 70 सूत्रीय एजेंडे में अफोर्डेबल हाउसिंग फॉर ऑल तथा इन सीटू डेवलपमेंट्स ऑफ स्लम्स का उल्लेख किया गया था। इसके बाद वर्ष 2020 के चुनाव में भी ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ का वादा किया गया, लेकिन वर्षों तक एक भी व्यापक समाधान सामने नहीं आया। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि केवल राजनीतिक नारों और भय की राजनीति के माध्यम से गरीबों को गुमराह करने के बजाय अब दिल्ली सरकार स्पष्ट कानून, स्पष्ट नीति और स्पष्ट कार्ययोजना के साथ काम कर रही है।

डूसिब पर वर्ष 2025-26 में खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि

आशीष सूद ने कहा कि आंकड़े स्वयं पूर्ववर्ती सरकारों की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में झुग्गी-झोपडिय़ों से संबंधित कार्यों पर लगभग 206 करोड़ खर्च किए गए थे, जबकि वर्ष 2025-26 में यह राशि बढक़र 346 करोड़ हो गई है। उन्होंने बताया कि जेजे क्लस्टरों के शौचालयों के रखरखाव पर वर्ष 2014-15 में लगभग 17 करोड़ खर्च किए गए थे, जबकि वर्ष 2025-26 में 76.94 करोड़ खर्च किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा डूसिब को मिलने वाली धनराशि की अंतिम किस्त वित्तीय वर्ष समाप्त होने से ठीक पहले जारी की जाती थी, जिससे गरीबों के हित में उसका प्रभावी उपयोग मुश्किल हो जाता था। वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था में सुधार करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है।

इन-सीटू डेवलपमेंट करके देंगे अच्छे मकान

आशीष सूद ने कहा कि हम केवल कागजों पर योजनाएं और नारे नहीं देंगे। हम इन-सीटू डेवलपमेंट करके देंगे। झुग्गीवासियों को वहीं बेहतर और पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उनका रोजगार और सामाजिक ताना-बाना भी बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार गरीबों के लिए एक इंटीग्रेटेड मॉडल पर काम कर रही है, जिसमें आवास के साथ-साथ भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सम्मान को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

विपक्ष के वॉकआउट पर भी साधा निशाना

सूद ने विपक्षी विधायकों के सदन से अनुपस्थित रहने पर कहा कि जब गरीबों के घरों और उनके भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विधेयक सदन में चर्चा के लिए आया, तब विपक्ष को सकारात्मक चर्चा में भाग लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा बार-बार चावल, दवाई और साइकिल जैसे मुद्दों की आड़ में सरकार के जनहित के कार्यों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जीईएम पोर्टल के माध्यम से साइकिल खरीद को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर कहा कि गर्वमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) देश की पारदर्शी सरकारी खरीद व्यवस्था का महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि किसी विक्रेता की बोली नियमों के अनुसार रु1 आती है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसी से खरीद की जाती है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष के लिए निर्णय लेने की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराई है और इस जनहित के कार्य को राजनीतिक आरोपों के माध्यम से बदनाम करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।

एक बोतल के बदले हर बेटी को साइकिल और हर बहन को सम्मान

सूद ने कहा कि दिल्ली की जनता ने नकारात्मक राजनीति को नकारकर विकास और जनकल्याण को चुना है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में शराब की राजनीति को बढ़ावा दिया गया, जबकि वर्तमान सरकार बेटियों और महिलाओं के सशक्तिकरण पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नौवीं कक्षा की छात्राओं को साइकिल, महिलाओं के लिए 2,500 रुपए की आर्थिक सहायता और होली-दिवाली पर एलपीजी सिलेंडर जैसी पहलों के माध्यम से सरकार अपने वादों को जमीन पर उतार रही है। सूद ने कहा कि दिल्ली में पिछले 19 वर्षों से लंबित झुग्गी पुनर्वास की समस्या को अब केवल राजनीतिक नारे के रूप में नहीं, बल्कि कानूनी, प्रशासनिक और कार्यान्वयन के स्तर पर समाधान के रूप में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा की दर्द तो होगा ही, क्योंकि वर्षों से चली आ रही व्यवस्था बदल रही है। लेकिन यह दर्द गरीबों के जीवन में बदलाव, पक्के मकान और सम्मानजनक जीवन की दिशा में उठाया गया कदम है।

Sumant Chaudhary