Delhi News : दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की निगरानी और प्रदूषण फैलाने वालों पर त्वरित कार्रवाई के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने आधुनिक तकनीक से लैस एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र ‘पवन-आई3सी’ विकसित किया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने केंद्र का दौरा कर इसकी तकनीकी व्यवस्था और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण के लिए एनसीआर में 5 से 20 नवंबर तक निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियां रोकने की घोषणा की। साथ ही दिल्ली-एनसीआर के सभी कार्यालयों में 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ काम करने तथा 50 प्रतिशत को वर्क फ्रॉम होम करने की एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें सरकार व निजी दोनों ही कार्यलय शामिल होंगे।
30 से अधिक डिजिटल डेटा स्रोत एक मंच पर जुड़े
‘पवन’ यानी ‘प्लेटफॉर्म फॉर एयर क्वालिटी विजिलेंस एंड एनालिटिक्स फॉर एनसीआर’ में 30 से अधिक डिजिटल डेटा स्रोतों को एक मंच पर जोड़ा गया है। इसमें दिल्ली-एनसीआर के 111 सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों, 2,300 से अधिक उद्योगों, 3,200 से अधिक सक्रिय निर्माण स्थलों और यातायात जाम वाले प्रमुख स्थानों की जानकारी शामिल है। इसके माध्यम से वायु गुणवत्ता, औद्योगिक उत्सर्जन, मौसम, उपग्रह चित्रों, कैमरों और नागरिक शिकायतों की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी।
पराली की आग से औद्योगिक उत्सर्जन तक पर रहेगी नजर
मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेंद्र यादव ने कहा कि क्षेत्रीय वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सबसे पहली जरूरत सटीक स्थानीय आंकड़ों और पूर्ण पारदर्शिता की है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा सुनिश्चित करना किसी एक एजेंसी या राज्य के प्रयासों से संभव नहीं है। यह केंद्र सभी जरूरी सूचनाओं को एक स्क्रीन पर लाकर पराली की आग, प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक चिमनी या बिना ढके निर्माण स्थल की पहचान और तत्काल कार्रवाई में मदद करेगा। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को चेतावनियों पर बिना देरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र ‘पहचान, विश्लेषण और कार्रवाई’ के सिद्धांत पर काम करता है। निर्धारित मानकों, वैधानिक निर्देशों या अनुपालन संबंधी शर्तों का उल्लंघन होने पर संबंधित एजेंसी को अलर्ट भेजा जाएगा। इससे मैनुअल रिपोर्टिंग पर निर्भरता घटेगी और समय रहते हस्तक्षेप तथा नियामकीय कार्रवाई संभव होगी।
पांच प्रमुख कचरा स्थलों की भी होगी लाइव निगरानी
समीक्षा के दौरान भूपेंद्र यादव ने औद्योगिक उत्सर्जन, पराली जलाने की उपग्रह आधारित जानकारी, निर्माण स्थलों के कैमरों और धूल मापक सेंसरों सहित विभिन्न निगरानी प्रणालियों का जायजा लिया। केंद्र में ओखला, भलस्वा, गाजीपुर, ग्रेटर नोएडा और बंधवाड़ी के कचरा निस्तारण स्थलों की लाइव निगरानी की व्यवस्था भी शामिल है। इसके अलावा वाहन संबंधी आंकड़े, सड़क सफाई मशीनों की लाइव ट्रैकिंग तथा ग्रीन दिल्ली और समीर ऐप से मिलने वाली शिकायतें भी इससे जोड़ी गई हैं।
इस मंच से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की प्रदूषण नियंत्रण कार्ययोजनाओं के लंबित कार्यों की निगरानी भी होगी। कार्यक्रम में सीएक्यूएम अध्यक्ष राजेश वर्मा, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष एवं पर्यावरण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. अमनदीप गर्ग सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


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