Peeragarhi Car Death Case Mystery : दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर एक कार में मिले तीन शवों ने पूरी राजधानी को चौंका दिया है. इस घटना को कई घंटे बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस और आम जनता के मन में अब भी कई सवाल तैर रहे हैं. आखिर वे तीन लोग कौन थे? वे वहां क्या कर रहे थे? और सबसे बड़ा सवाल उनकी मौत कैसे हुई.
मामला रविवार दोपहर के. करीब 3:50 बजे का है जब दिल्ली पुलिस को एक पीसीआर कॉल पर सूचना मिली. सूचना देने वाले ने बताया कि पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास खड़ी एक सफेद टाटा टियागो कार के अंदर कुछ लोग बेसुध पड़े हैं और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं. जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो कार का बेहद डरावना था. गाड़ी के अंदर दो पुरुष और एक महिला मृत अवस्था में पाए गए.
Peeragarhi Car Death Case Mystery : कौन थे मृतक

पुलिस की शुरुआती जांच में तीनों की पहचान रणधीर (70), शिवनरेश (47) और लक्ष्मी देवी (40) के तौर पर की गई है. रणधीर कार के मालिक थे और दिल्ली के रणहोला इलाके में रहते थे. शिवनरेश भी रणहोला इलाके के ही निवासी थे. लक्ष्मी देवी दिल्ली के ही जहांगीरपुरी इलाके की रहने वाली थीं.
3 bodies found in car Delhi : बनी है गुत्थी
इस मामले में सबसे बड़ी गुत्थी इन तीनों का आपस में रिश्ता है. पुलिस अभी तक यह साफ नहीं कर पाई है कि जहांगीरपुरी की रहने वाली महिला और रणहोला के रहने वाले इन दो पुरुषों का आपस में क्या संबंध था. कार का नंबर DL 7CU6492 बताई जा रही है।
#WATCH | Visuals of the car in which three bodies, of two men and one woman, were found earlier today at the Peeragarhi flyover in outer Delhi.
According to the Delhi Police, preliminary investigation suggests it is a case of suicide. pic.twitter.com/KBKpkXz0Na
— ANI (@ANI) February 8, 2026
Peeragarhi car death Mystery : छोड़े कई सवाल

वे तीनों रविवार को उस जगह पर क्यों जमा हुए थे? और एक ही कार में कैसे इनका मिलना हुआ? क्या वे किसी खास काम से मिले थे या फिर यह किसी सोची-समझी योजना का हिस्सा था? अगर आत्महत्या है तो फ्लाईओवर तक क्यों और कैसे पहुंचे? पुलिस इन तीनों के मोबाइल रिकॉर्ड और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच कर रही है ताकि उनके संबंधों की कड़ियां जोड़ी जा सकें.
क्या है पुलिस की शुरुआती जांच में
घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुलिस ने कुछ महत्वपूर्ण बातें नोट की हैं, जो मामले को और उलझा देती हैं. तीनों शवों पर बाहरी चोट या हाथापाई का कोई भी निशान नहीं मिला है. इससे यह संकेत मिलता है कि उनके साथ कोई शारीरिक जबरदस्ती नहीं की गई थी. संभव हो कि तीनों ने साथ में आत्महत्या की हो।
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