कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी संशोधित नागरिकता कानून और प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी राष्ट्रीय नागरिक पंजी के खिलाफ यहां इंडिया गेट पर विद्यार्थियों द्वारा किये जा रहे प्रदर्शन में शामिल हुईं और आरोप लगाया कि सरकार के ये कदम ‘गरीब विरोधी’ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि हर व्यक्ति अपनी नागरिकता साबित करने के लिए उसी तरह लाइन में खड़ा हो, जिस तरह वह नोटबंदी के बाद खड़ा हुआ था।
प्रदर्शन के दौरान गांधी के साथ उनकी बेटी मिराया भी थी। इस सप्ताह यह दूसरी बार है कि काग्रेस नेता ने इंडिया गेट पर इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया है। वह पहले जामिया के विद्यार्थियों के समर्थन में इंडिया गेट पर धरने में शामिल हुई थीं । इन विद्यार्थियों के खिलाफ रविवार को पुलिस ने कथित रूप से कार्रवाई की थी।
इंडिया गेट पर संशोधित नागरिकता कानून और प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ विद्यार्थियों के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा, ‘‘यह मूल रूप से गरीब विरोधी है। सबसे अधिक प्रभावित गरीब होंगे। यदि किसी को अपनी जमीन के पुराने दस्तावेज निकालने होंगे,तो क्या वे ऐसा कर पायेंगे? कया आपके दादा-दादी ऐसा कर पायेंगे?’’ उन्होंने कहा, ‘‘‘ हम देश को किस दशा में पहुंचाने जा रहे हैं।
नोटबंदी के बाद जिस तरह उन्होंने पूरे देश को कतार में खड़ा कर दिया था, उसी तरह वे अब पूरी देश को खड़ा करना चाह रहे हैं। इससे कौन प्रभावित होगा। धनवान को अपना पासपोर्ट दिखा देंगे लेकिन गरीब पिसेगा।’’ गांधी ने कहा कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाने आयी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए क्योंकि लोकतंत्र में सभी को विरोध करने का अधिकार है।


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