नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन का केंद्र बन चुके राष्ट्रीय राजधानी के शाहीन बाग में शनिवार को हुए गोलीकांड के बाद रविवार को प्रदर्शनकारियों में पुलिस को लेकर नाराजगी दिखाई दी। सीएए का विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि गोली चलाने वाला व्यक्ति पुलिस संरक्षण में यहां तक आया होगा, वरना पुलिस की मौजूदगी में ऐसा कैसे संभव है।
एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया, “शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान एक लड़का आता है, गोली चलाता है, पुलिस के संरक्षण में वह लड़का आता है। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए कुछ कट्टरपंथी लोग यहां का माहौल खराब करने की साजिश रच रहे हैं।’
शाहीन बाग प्रदर्शन : स्थानीय लोगों ने कालिंदी कुंज सड़क बंद किए जाने के खिलाफ किया प्रदर्शन
गोलीकांड के एक दिन बाद रविवार को भी यहां लोग विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। शाहीन बाग में महिलाओं ने राष्ट्रगान गया और कहा, “चाहे कुछ भी हो, हम अपना स्थान नहीं छोड़ेंगे। यदि हम अपनी जगह छोड़ते हैं तो इससे एक गलत संदेश जाएगा।” दिन की शुरुआत एक नुक्कड़ नाटक से हुई।
थिएटर के कुछ छात्रों ने शाहीन बाग में राष्ट्रवाद को लेकर एक प्रस्तुति दी। समूह की एक कलाकार ने कहा, “नाटक के माध्यम से हम राष्ट्रवाद की गलत प्रसारित की जा रही भावना को उजागर करने और असली राष्ट्रवाद का मतलब लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।” नुक्कड़ नाटक का मंचन ‘इंकलाब जिंदाबाद’, ‘छात्र एकता जिंदाबाद’, ‘आरएसएस मुर्दाबाद’ के नारों के साथ हुआ।


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