Delhi: प्रदूषण पर दिल्ली सरकार का सख्त! बिना पीयूसी सर्टिफिकेट फ्यूल स्टेशनों पर लगेगी नो-एंट्री

Summary :

PUC Certificate Mandatory Delhi: राजधानी में प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने अब तक का सबसे कड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, अब दिल्ली के किसी भी फ्यूल स्टेशन पर बिना वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ (पीयूसी) प्रमाणपत्र के पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। सरकार ने इस नियम को स्थायी रूप से लागू कर दिया है ताकि वाहन उत्सर्जन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की…

PUC Certificate Mandatory Delhi: राजधानी में प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने अब तक का सबसे कड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, अब दिल्ली के किसी भी फ्यूल स्टेशन पर बिना वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ (पीयूसी) प्रमाणपत्र के पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। सरकार ने इस नियम को स्थायी रूप से लागू कर दिया है ताकि वाहन उत्सर्जन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिना पीयूसी ईंधन पर पूर्ण पाबंदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाना समय की आवश्यकता है। यह निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 115 (उप-नियम 7) के तहत प्रत्येक वाहन के लिए पंजीकरण के एक वर्ष बाद वैध पीयूसी प्रमाणपत्र रखना अनिवार्य है, जिसे वाहन में साथ रखना और मांगने पर संबंधित अधिकारियों को दिखाना आवश्यक होता है। इसके बावजूद कई वाहन बिना वैध पीयूसी के सड़कों पर चलते पाए जाते हैं, जो प्रदूषण की समस्या को और गंभीर बनाते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) में भी स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि पीयूसी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जब्ती और अधिकतम जुर्माना लगाने का प्रावधान है। साथ ही नागरिकों से अपने वाहनों के पीयूसी प्रमाणपत्र को हमेशा रखने की अपील भी की गई है।

संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही होगी तय

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने, वायु गुणवत्ता सुधारने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए निर्देश जारी जा रहा है कि ईंधन केवल उन्हीं वाहनों को दिया जाएगा, जिनके पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र होगा। इस दिशा में सभी संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की गई है। सभी पेट्रोल, डीजल और गैस आपूर्ति करने वाली कंपनियों और आउटलेट्स को इस निर्देश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, परिवहन विभाग, नगर निगम और दिल्ली यातायात पुलिस को भी निर्देशित किया गया है कि वे इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए बहु-आयामी रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करना एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने वाहनों का पीयूसी प्रमाणपत्र समय-समय पर अपडेट कराएं और स्वच्छ व स्वस्थ दिल्ली के निर्माण में सहयोग करें।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।