आईपी यूनिवर्सिटी में प्रवेश प्रक्रिया पर सवाल, एलजी व सीएम को लिखा पत्र

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IP University : आईपी यूनिवर्सिटी द्वारा शनिवार को बी.टेक, बी.बी.ए., बी.सी.ए., बी.कॉम (ऑनर्स) व पांच वर्षीय एलएलबी प्रोग्राम की दूसरी ऑनलाइन स्पॉट काउंसलिंग के परिणाम को निरस्त करने पर आवेदकों ने सख्त नाराजगी जताई है और कहा है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन उनके करियर के साथ खिलवाड़ कर रहा है। बता दें कि इससे पहले भी यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा बीएजेएमसी और बीए इंग्लिश (ऑनर्स) प्रोग्राम के विभिन्न काउंसलिंग के जारी परिणाम तीन बार निरस्त किए जा चुके हैं। आवदकों का आरोप है कि कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए यह सब किया जा रहा है। पोर्टल के काम नहीं…

IP University : आईपी यूनिवर्सिटी द्वारा शनिवार को बी.टेक, बी.बी.ए., बी.सी.ए., बी.कॉम (ऑनर्स) व पांच वर्षीय एलएलबी प्रोग्राम की दूसरी ऑनलाइन स्पॉट काउंसलिंग के परिणाम को निरस्त करने पर आवेदकों ने सख्त नाराजगी जताई है और कहा है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन उनके करियर के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

बता दें कि इससे पहले भी यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा बीएजेएमसी और बीए इंग्लिश (ऑनर्स) प्रोग्राम के विभिन्न काउंसलिंग के जारी परिणाम तीन बार निरस्त किए जा चुके हैं। आवदकों का आरोप है कि कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए यह सब किया जा रहा है।

पोर्टल के काम नहीं करने से छात्रों को नहीं मिल सका दाखिला

जिन छात्रों को आईपी यूनिवर्सिटी की काउंसलिंग द्वारा कॉलेज आवंटित हुए हैं उन छात्रों को आईपी यूनिवर्सिटी का पोर्टल कार्य नहीं करने के कारण एडमिशन नहीं मिल सका है। वहीं यूनिवर्सिटी द्वारा चयनित छात्रों की सूची का ब्यौरा ना देना भी सवाल खड़े कर रहा है। छात्रों ने दिल्ली सरकार से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

एलजी, सीएम व शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग

दिल्ली यूनिवर्सिटी के मेंबर एग्जीक्यूटिव अमन कुमार ने इस मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल के साथ साथ मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को पत्र भी लिखा है और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि इस वर्ष आईपी यूनिवर्सिटी द्वारा एडमिशन प्रोसेस को विशेष समिति बनाकर जांच की जाये ताकि दोषियों की जिम्मेदारी तय हो व भविष्य में छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय ना हो। साथ ही एडमिशन के हर राउंड से पहले रिक्त सीटों का ब्यौरा यूनिवर्सिटी के पोर्टल पर होना चाहिये ताकि एडमिशन में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो वे इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर करेंगे।

Sumant Chaudhary