भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कृषि कानूनों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को फिर चेतावनी दी। टिकैत ने कहा कि पिछले सात महीने से हमारा आंदोलन चल रहा है, सरकार को शर्म नहीं आती? कोरोना की तीसरी वेव आती है तो भी हम यहीं रहेंगे। आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहेगा। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट क्र कहा कि 4 लाख ट्रैक्टर यहीं दिल्ली के पास हैं और 25 लाख किसान भी यही हैं। 26 तारीख भी हर महीने आती है…तो ये सरकार याद रख ले..।” इसके साथ ही टिकैत ने “बिल वापसी ही घर वापसी” हैशटैग इस्तेमाल किया।

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी राय रखना शुरू कर दिया। इस पोस्ट पर उनका मजाक उड़ाते हुए शरद मिश्रा नाम के यूजर ने लिखा, ‘चल झूठे, बॉर्डर पर सिर्फ टेंट लगे हैं। 25 किसान भी दिख जाएं तो बहुत बड़ी बात है।’ नरगिस नाम की महिला ने कहा, ‘सरकार गूंगी बहरी है, सुनती नहीं है।’ रचना नाम की महिला यूजर बोलीं, ‘प्रधानमंत्री जी, तानाशाही से तय नहीं होंगे किसानों के फैसले, यह देश का अन्नदाता तय करेगा उसका भला किसमें हैं।’
भाकियू समेत देशभर के कई किसान संगठन किसानों को सरकार के खिलाफ लामबंद करने में लगे हैं। वे चाहते हैं कि कृषि कानून रद्द हों और एमएसपी वाला कानून लाया जाए। राकेश टिकैत ने किसानों को ट्रैक्टरों के साथ तैयार रहने के लिए कहा है। इससे पहले टिकैत ने विवादास्पद कृषि कानूनों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को अल्टीमेटम जारी किया था। हालांकि, सरकार ने उस पर प्रतिक्रिया नहीं दी। जिसके बाद टिकैत ने आवाह्न करते हुए कहा, “यह सरकार मानने वाली नहीं। इसे इलाज की जरूरत है। किसानों..अपने ट्रैक्टरों के साथ तैयार हो जाओ, हमें अपनी जमीन बचाने के लिए आंदोलन तेज करना होगा।”
किसान नेता ने पिछले दिनों कहा कि केंद्र सरकार को अपनी ‘गलतफहमी’ से छुटकारा पाना चाहिए कि किसान अपने विरोध प्रदर्शन से पीछे हट जाएंगे, क्योंकि हम ऐसा नहीं करेंगे। टिकैत ने किसानों से एकजुट होने के लिए आवाह्न किया और कहा कि या तो किसान और जनता रहेगी या यह सरकार। किसानों की आवाज को झूठे मामलों से नहीं दबाया जा सकता है।


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