Delhi News : दिल्ली में सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं के कारण आम लोगों को होने वाली परेशानी कम करने की दिशा में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को गैरजरूरी नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के साथ अनुपालन का बोझ घटाने के निर्देश दिए। उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि सुधार केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में दिखाई देना चाहिए।
उपराज्यपाल ने कहा कि सरकारी व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें लालफीताशाही कम हो और विभिन्न कार्यों के लिए जरूरी मंजूरी तेजी से मिल सके। सभी विभागों को नियमों में ढील और अनुपालन कम करने से जुड़ी प्रक्रिया को जल्द और प्रभावी तरीके से पूरा करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बदलाव में आम नागरिक की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।
संधू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर समीक्षा की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के दृष्टिकोण के अनुरूप दिल्ली में ऐसी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जो लोगों को केंद्र में रखकर काम करे। इसका उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाना और लोगों को अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत देना है।
इससे एक दिन पहले उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के साथ राजधानी में सामुदायिक पुलिसिंग और संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। बैठक में विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए चल रही व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। एलजी ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए दिल्ली पुलिस के मोबाइल एप के कामकाज और उसके इस्तेमाल की स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के पंजीकरण, बीट स्तर पर पुलिस से उनके संपर्क, शिकायतों के त्वरित समाधान और आपातकालीन सहायता को मजबूत करने को कहा। स्थानीय पुलिसकर्मियों को वरिष्ठ नागरिकों से नियमित संपर्क और समय-समय पर उनके यहां जाने की व्यवस्था प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही दिल्ली में वरिष्ठ नागरिकों की वास्तविक संख्या का नए सिरे से आकलन कर मोबाइल एप का दायरा बढ़ाने को कहा गया।



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