ABVP JNU ने आयोजित किया ‘स्वयंसिद्धा युवती सम्मेलन’, छात्राओं की उपलब्धियों का किया सम्मान

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Swayamsiddha Girls Conference  : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से ‘स्वयंसिद्धा युवती सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में छात्राओं को उनके सामर्थ्य, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को पहचानते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। सम्मेलन में शिक्षा, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व, सुरक्षा, सामाजिक सरोकार और युवतियों की भूमिका जैसे विषयों पर संवाद हुआ। इस दौरान छात्राओं की विभिन्न क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों को सम्मानित भी किया गया। विभिन्न कार्यक्षेत्रों में सक्रिय और उपलब्धियां हासिल करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। आयोजकों…

Swayamsiddha Girls Conference  : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से ‘स्वयंसिद्धा युवती सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में छात्राओं को उनके सामर्थ्य, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को पहचानते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। सम्मेलन में शिक्षा, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व, सुरक्षा, सामाजिक सरोकार और युवतियों की भूमिका जैसे विषयों पर संवाद हुआ।

इस दौरान छात्राओं की विभिन्न क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों को सम्मानित भी किया गया। विभिन्न कार्यक्षेत्रों में सक्रिय और उपलब्धियां हासिल करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं की प्रतिभा को मंच और नई पहचान देने का प्रयास किया गया।

एबीवीपी जेएनयू छात्रा प्रमुख मनीषा डाबला ने कहा कि ‘स्वयंसिद्धा’ आत्मनिर्भरता और नेतृत्व का संदेश देता है। आज की युवती किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है और उसे अपनी प्रतिभा व क्षमता के अनुरूप अवसर और सम्मान मिलना चाहिए।

एबीवीपी जेएनयू अध्यक्ष मयंक पांचाल ने कहा कि सम्मेलन छात्राओं के आत्मविश्वास, सामर्थ्य और नेतृत्व क्षमता को सामने लाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। छात्राएं केवल अपने व्यक्तिगत भविष्य का निर्माण नहीं कर रहीं, बल्कि विश्वविद्यालय और समाज के भविष्य को दिशा देने की क्षमता भी रखती हैं।

एबीवीपी जेएनयू मंत्री प्रवीण कुमार पीयूष ने कहा कि छात्राओं की सक्रिय सहभागिता दर्शाती है कि वे अकादमिक जीवन के साथ सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण के व्यापक विमर्श में भी भूमिका निभाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं से जुड़े विषयों पर संवाद और रचनात्मक गतिविधियां आगे भी जारी रहेंगी।

Sumant Chaudhary