North District Crime News : नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के रूप नगर थाना क्षेत्र में 74 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी पत्नी को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर करीब 10 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवरात लूटने की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान सरोज (54), उसके बेटे मनोज उर्फ लाला (28) और राजीव उर्फ रामू (25) के रूप में हुई है। वारदात की मास्टरमाइंड घर की पूर्व घरेलू सहायिका सरोज निकली। करीब 15 साल तक घर में काम करने के कारण उसे परिवार की संपत्ति, नकदी, जेवर, लॉकर और बुजुर्ग दंपती की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी। उसने यह जानकारी अपने बेटे को दी, जिसके बाद उसने उत्तर प्रदेश से बदमाश बुलाकर वारदात कराई।
डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया कि एसीपी विशेष धत्तरवाल की देखरेख में इंस्पेक्टर रोहित सारस्वत और इंस्पेक्टर रमेश चंद्र के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, वारदात 6-7 अगस्त की दरम्यानी रात करीब तीन बजे हुई। तरेश बैसिवाला पानी की मोटर चलाने के लिए घर का मुख्य कांच का दरवाजा खोलने बाहर निकले थे। इसी दौरान चार हथियारबंद बदमाश घर में घुस गए। उन्होंने तरेश और उनकी पत्नी अर्चना को बंधक बना लिया और घर की तलाशी लेकर करीब 10 लाख रुपये नकद तथा सोने-चांदी के जेवर लूट लिए। जाते समय आरोपी घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी ले गए। डीवीआर गायब होने के बावजूद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर बदमाशों का रूट तलाशना शुरू किया।
वहीं, 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और करीब 1000 किलोमीटर के रूट का विश्लेषण करते हुए पुलिस बसई दारापुर स्थित उस कमरे तक पहुंची, जहां आरोपी वारदात से पहले ठहरे थे। तकनीकी निगरानी से राम खिलाड़ी, दीपक और भीम उर्फ चेटा की पहचान हुई। जांच में राम खिलाड़ी के खिलाफ पांच और दीपक के खिलाफ 15 आपराधिक मामले सामने आए।
गोली चलाकर पुलिस से बचा बदमाश
आरोपियों की तलाश में पुलिस ने मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और अलीगढ़ में लगातार दबिश दी। 9 अगस्त को मथुरा के माधवन टोल प्लाजा पर पुलिस ने राम खिलाड़ी को रोकने का प्रयास किया तो उसने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने दो राउंड चलाए, लेकिन अंधेरे और भारी ट्रैफिक का फायदा उठाकर वह फरार हो गया। इस संबंध में फरह थाने में केस दर्ज किया गया। जांच में वारदात में इस्तेमाल स्कूटी का पता चला।
बता दें कि तकनीकी जांच में स्कूटी मालिक नवरतन का संपर्क राम खिलाड़ी और पूर्व घरेलू सहायिका सरोज से मिला। इसके बाद 20 अगस्त को सरोज पकड़ी गई। पूछताछ में उसने तीन साल पहले 50 हजार की चोरी में नौकरी से निकाले जाने और घर की पूरी जानकारी बेटे मनोज को देने की बात बताई। पुलिस ने मनोज और राजीव को भी गिरफ्तार कर 2.08 लाख रुपये, विदेशी मुद्रा और स्कूटी बरामद की।



Download Android App
Download iOS App




