जयपुर डिक्लेरेशन केवल दस्तावेज नहीं, ब्रिक्स देशों की साझा प्रतिबद्धता : गजेन्द्र सिंह शेखावत

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Rajasthan News : केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि भारत दुनिया के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल है। भारत आने वाले विदेशी पर्यटक औसतन 18 दिन यहां ठहरते हैं। भारत की विशालता और विविधता को देखते हुए इस अवधि को और बढ़ाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स टूरिज्म मिनिस्टर्स कम्युनिकेशन को अंतिम रूप देकर ‘जयपुर डायलॉग’ और ‘जयपुर डिक्लेरेशन’ का नाम दिया गया है। किसी अंतरराष्ट्रीय घोषणा से जयपुर का नाम जुड़ना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ‘जयपुर डिक्लेरेशन’ से जयपुर की वैश्विक पर्यटन पहचान को…

Rajasthan News : केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि भारत दुनिया के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल है। भारत आने वाले विदेशी पर्यटक औसतन 18 दिन यहां ठहरते हैं। भारत की विशालता और विविधता को देखते हुए इस अवधि को और बढ़ाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स टूरिज्म मिनिस्टर्स कम्युनिकेशन को अंतिम रूप देकर ‘जयपुर डायलॉग’ और ‘जयपुर डिक्लेरेशन’ का नाम दिया गया है। किसी अंतरराष्ट्रीय घोषणा से जयपुर का नाम जुड़ना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ‘जयपुर डिक्लेरेशन’ से जयपुर की वैश्विक पर्यटन पहचान को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने शुक्रवार को ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत के पर्यटन क्षेत्र के लिए ब्रिक्स जैसे आयोजनों से नई संभावनाएं पैदा होंगी। कोविड के बाद भारत का पर्यटन क्षेत्र प्री-कोविड स्तर को पार कर चुका है और कई मामलों में उससे आगे निकल गया है।

उन्होंने कहा कि भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है। विशाल देश होने के कारण घरेलू पर्यटन की भी व्यापक संभावनाएं हैं। पिछले दस वर्षों में देश में घरेलू पर्यटन में तीन गुने से अधिक की वृद्धि हुई है। शेखावत ने कहा कि पिछले एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, अर्थव्यवस्था की वृद्धि, करों में कमी से डिस्पोजेबल इनकम बढ़ने और महंगाई को नियंत्रित रखने के प्रयासों से घरेलू पर्यटन को गति मिली है।

उन्होंने कहा कि ‘जयपुर डिक्लेरेशन’ ब्रिक्स देशों के बीच पर्यटन सहयोग के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसका उद्देश्य बैठकों और चर्चाओं तक सीमित रहना नहीं, बल्कि पर्यटन, अर्थव्यवस्था, रोजगार, स्थानीय समुदायों और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने वाले ठोस और परिणाम आधारित कदम उठाना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगले वर्ष चीन में ब्रिक्स की बैठकें होने और पर्यटन ट्रैक पर चर्चा के बाद भी ‘जयपुर डिक्लेरेशन’ के फैसलों के संदर्भ में जयपुर का नाम सामने आएगा। इससे जयपुर की वैश्विक पर्यटन पहचान और राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र को लाभ मिलेगा।

एआई, सतत पर्यटन और स्किलिंग पर फोकस

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत पर्यटन ट्रैक की थीम ‘बिल्डिंग फॉर रिजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ रखी गई। इसका उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र को अधिक सक्षम और लचीला बनाना, नवाचार को बढ़ावा देना तथा स्थिरता और जिम्मेदार पर्यटन को प्राथमिकता देना है। उन्होंने कहा कि जयपुर में हुई बैठक में चार प्रमुख प्राथमिकताओं पर सदस्य देशों ने चर्चा की। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पर्यटन, सतत एवं जिम्मेदार पर्यटन, स्किलिंग एवं कैपेसिटी बिल्डिंग तथा टूरिज्म एक्सचेंज और सीमलेस ट्रैवल फैसिलिटेशन शामिल हैं।

पर्यटन में भी होगा एआई का उपयोग

एआई के संबंध में शेखावत ने कहा कि इसका प्रभाव जीवन के लगभग हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में पर्यटन क्षेत्र में एआई के उपयोग और इसे प्रभावी ‘एनैबलर’ के रूप में इस्तेमाल करने पर चर्चा हुई।सतत और जिम्मेदार पर्यटन को लेकर उन्होंने कहा कि भारत सहित दुनिया के कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण स्थिरता से जुड़ी चुनौतियां सामने आ रही हैं। इसलिए पर्यटन को पर्यावरण और स्थानीय परिस्थितियों के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाने की जरूरत है। स्किलिंग के संबंध में उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में पर्यटकों की संख्या और पर्यटक यात्राओं में तीन गुने से अधिक वृद्धि हुई है।

इसके साथ हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर तथा ट्रैवल और टूरिज्म क्षेत्र में अवसर भी बढ़े हैं। बढ़ती मांग के अनुरूप पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को नए कौशल उपलब्ध कराना जरूरी है। चौथी प्राथमिकता के तहत ब्रिक्स देशों के बीच पर्यटकों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव देने पर जोर दिया गया।

निवेश, डेटा और बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने पर सहमती

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि जयपुर डिक्लेरेशन में ब्रिक्स देशों के बीच पर्यटन सहयोग का विस्तृत फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। इसमें एआई, जिम्मेदार एवं मानव-केंद्रित पर्यटन, स्किलिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा पर्यटन को बढ़ावा देने, निवेश बढ़ाने, डेटा साझा करने और विभिन्न देशों की बेस्ट प्रैक्टिस के आदान-प्रदान को आसान बनाने पर सहमति बनी है। अलग-अलग पर्यटन उत्पादों के विकास और व्यावहारिक सहयोगात्मक पहलों को आगे बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इन पहलों का लाभ पर्यटन उद्योग के साथ स्थानीय समुदायों और आम नागरिकों तक भी पहुंचना चाहिए।

शेखावत ने कहा कि ब्रिक्स बैठकों में लिए गए निर्णय केवल कॉन्फ्रेंस हॉल तक सीमित नहीं रहने चाहिए। इनका उद्देश्य दुनिया से आने वाले पर्यटकों को भारत की संस्कृति और विविधता को समझने तथा उसका अनुभव करने का अवसर देना भी है। उन्होंने कहा कि पर्यटन अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ने, अवसर पैदा करने और समुदायों को सशक्त बनाने के साथ विभिन्न देशों के लोगों और सभ्यताओं को करीब लाने का माध्यम होना चाहिए।

Sumant Chaudhary