Saurabh Bhardwaj Arrested Delhi Police: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। घटना के बाद जब ‘आप’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज पार्टी नेताओं के साथ मृतक के घर श्रद्धांजलि देने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
Saurabh Bhardwaj Arrested Delhi Police: हिरासत के बाद कानून-व्यवस्था पर सवाल
हिरासत में लिए जाने के बाद सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में कानून-व्यवस्था की हालत पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उनका आरोप है कि जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार और पुलिस की प्राथमिकता में आम लोगों की सुरक्षा नहीं दिख रही।
#WATCH दिल्ली पुलिस ने दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को हिरासत में लिया।
सौरभ भारद्वाज ने कहा, “कानून व्यवस्था पर किसी का ध्यान नहीं है। जो लोग आवाज उठा रहे हैं उसकी आवाज को दबाने का काम हो रहा है और कोई काम नहीं हो रहा है। हम लोग आवाज उठाते रहेंगे।” https://t.co/nCuoWlEu4D pic.twitter.com/uNajN0c3vl
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 8, 2026
Delhi latest News: ‘आवाज दबाई जा रही है’
सौरभ भारद्वाज ने कहा, “दिल्ली में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई गंभीर नहीं है। जो लोग सच बोल रहे हैं, उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। जमीन पर कोई काम नहीं हो रहा, लेकिन हम अपनी आवाज उठाते रहेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि वे जनकपुरी जाकर पीड़ित परिवार से मिले हैं और उनकी तकलीफों को करीब से देखा है।
Saurabh Bhardwaj News: पीड़ित परिवार की पीड़ा
‘आप’ नेता ने बताया कि हादसे के बाद कमल ध्यानी का परिवार पूरी रात न्याय की तलाश में भटकता रहा। उनके मुताबिक, परिवार ने छह अलग-अलग थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं भी उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। सौरभ भारद्वाज ने कहा, “हम श्रद्धांजलि देने आए हैं। कमल के घरवाले रात भर परेशान रहे, लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी।”

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पहले भी लगाए थे गंभीर आरोप
यह पहला मौका नहीं है जब सौरभ भारद्वाज ने इस मामले को लेकर सवाल उठाए हों। इससे पहले भी उन्होंने जनकपुरी हादसे पर दिल्ली पुलिस और भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही साफ नजर आती है और जरूरी जानकारी जानबूझकर छिपाई गई।
सौरभ भारद्वाज का कहना है कि हादसे वाली रात करीब 12 बजे मृतक का परिवार अपने बेटे की तलाश में थाने पहुंचा था। इसके बावजूद छह थानों में जाने के बाद भी उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए थी।

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अहम जानकारी हटाने का दावा
‘आप’ नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मोबाइल फोन की लोकेशन से जुड़ी अहम जानकारी को जल्दबाजी में डिलीट किया गया। उनका कहना है कि अगर यह जानकारी सुरक्षित रखी जाती, तो मामले की सच्चाई सामने आने में मदद मिलती। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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सियासत के बीच न्याय की मांग
जनकपुरी हादसे ने एक बार फिर दिल्ली की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और परिवार को इंसाफ मिल पाता है या नहीं।
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