SC Verdict on Umar Khalid: दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में आरोपी उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य की जमानत याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने उमर खालिद, शरजील इमाम को जमानत नहीं दी है। वहीं अन्य 5 आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई है। कोर्ट का कहना है कि हमने सभी के मामलों का अलग-अलग परिक्षण किया है। पुलिस की तरफ से जुटाए गए तथ्यों के मुताबिक, उमर और शरजील की भूमिका केंद्रीय है। हालांकि कोर्ट ने कहा है कि दोनों आगे चलकर ट्रायल कोर्ट में जमानत के लिए अपील कर सकते हैं।
Justice Aravind Kumar: 5 आरोपियों को मिली जमानत
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने 5 जनवरी 2026, सोमवार को कहा कि संविधान का अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) अहम है, इसका हवाल दिया गया है, लेकिन यह अधिकार क़ानूनी प्रावधानों के परे नहीं है। कोर्ट ने अन्य आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरन हैदर, शिफा उर्फ रहमान, शहदाब अहमद और मोहम्मद सलीम को जमानत दे दी है।
Supreme Court: उमर और शरजील की भूमिका बाकि लोगों से अलग

बेंच ने फैसला सुनाते हुआ कहा कि जिन्हें बेल देना जरुरी है, उन पर कड़ी शर्ते लगाई जा सकती है। उमर खालिद और शरजील इमाम की भूमिका बाकि लोगों से अलग है। उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि क्या सभी को बंद रखना जरुरी है। रिसर्च के हिसाब से सभी आरोपियों की भूमिका एक जैसी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि मुख्य गवाहों के परिक्षण और इस आदेश के एक साल बाद उमर खालिद और शरजील बेल का आवेदन दाखिल कर सकते हैं।
Umar Khalid News: जमानत देने से इनकार कर चुका है हाई कोर्ट

आपको बता दें कि उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरन हैदर, शिफा उर्फ रहमान, शहदाब अहमद और मोहम्मद सलीम साल 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोप में 5 साल से भी ज्यादा समय से जेल में बंद हैं। कोर्ट ने 10 दिसंबर 2025 को दलीले सुनने के बाद जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। दिल्ली हाई कोर्ट और ट्रायल कोर्ट उन्हें जमानत देने से इनकार कर चुका है। सितंबर में हाई कोर्ट ने जमानत देने से मना कर दिया था, जिसके बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
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