श्रद्धा वालकर केस: दिल्ली कोर्ट ने व्हाट्सएप, गूगल और बंबल के विदेशी गवाहों की ऑनलाइन गवाही की दी इजाजत

Summary :

अदालत ने कहा कि मामले का ट्रायल अपने अंतिम चरण में है और न्याय के हित में मुकदमा जल्द निपटाने के लिए ऑनलाइन माध्यम से गवाही कराना जरूरी है।

Shraddha walkar Murder case

Shraddha walkar Murder case : श्रद्धा वालकर हत्याकांड के मुकदमे में दिल्ली की एक अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दिल्ली पुलिस की उस अर्जी को स्वीकार कर लिया है, जिसमें व्हाट्सएप, गूगल और बंबल जैसी टेक कंपनियों के विदेशी नोडल अधिकारियों की ऑनलाइन गवाही दर्ज कराने की मांग की गई थी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरविंदर सिंह जग्गी ने शनिवार को यह आदेश जारी करते हुए कहा कि चूंकि ये सभी गवाह अमेरिका और ब्रिटेन में रहते हैं, इसलिए उन्हें शारीरिक रूप से भारत बुलाने में काफी समय और भारी खर्च लगेगा। साकेत कोर्ट अब 1 दिसंबर 2026 से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इनकी गवाही दर्ज करेगी।

अदालत का तर्क और सुरक्षा इंतजाम

Delhi court
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अदालत ने कहा कि मामले का ट्रायल अपने अंतिम चरण में है और न्याय के हित में मुकदमा जल्द निपटाने के लिए ऑनलाइन माध्यम से गवाही कराना जरूरी है।

कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि गवाही के लिए साकेत कोर्ट स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम ‘कोर्ट प्वाइंट’ होगा। वहीं, गवाहों के लिए उनके नजदीकी भारतीय दूतावास या उच्चायोग को ‘रिमोट प्वाइंट’ बनाया जाएगा। दूतावास का एक निर्दिष्ट अधिकारी रिमोट प्वाइंट कोऑर्डिनेटर के रूप में काम करेगा। दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी राम सिंह को इस पूरी प्रक्रिया को समय पर पूरा कराने के लिए लियाजन ऑफिसर बनाया गया है।

विदेशों में बैठे इन अधिकारियों की होगी गवाही

पुलिस की अर्जी के अनुसार, जिन विदेशी नोडल अधिकारियों को गवाही देनी है, उनमें व्हाट्सएप और मेटा के एड्रियन सिल्वेरा (कैलिफोर्निया, अमेरिका), गूगल के शेल्बी स्मिथ (टेक्सास, अमेरिका), गूगल जीमेल की आरती सेठ (कैलिफोर्निया, अमेरिका) और बंबल ग्रुप के ल्यूक मित्सी (लंदन, यूके) शामिल हैं।

ये अधिकारी CrPC की धारा 296 और BNS के संबंधित प्रावधानों के तहत हलफनामे के माध्यम से अपना साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।

1 दिसंबर से शुरू होगी रोजाना एक गवाह की सुनवाई

कोर्ट ने तय किया है कि 1 दिसंबर 2026 से प्रतिदिन केवल एक ही गवाह की गवाही दर्ज की जाएगी। समय क्षेत्रों (टाइम जोन) के अंतर को ध्यान में रखते हुए तिथि और समय का निर्धारण किया जाएगा। कोर्ट ने गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को आवश्यक समन्वय और समन तामील कराने के निर्देश दिए हैं।

मामले में दिल्ली पुलिस की तरफ से विशेष सार्वजनिक अभियोजक (SPP) मधुकर पांडे पेश हुए, जबकि आरोपी आफताब अमीन पूनावाला की पैरवी वकील अक्षय भंडारी और मेघा सरोआ कर रहे हैं। पीड़िता के परिवार का पक्ष वकील सीमा कुशवाहा रख रही हैं।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।