पश्चिमी दिल्ली: एनजीटी ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) को पर्यावरण नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश एक पांच साल की बच्ची की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी की बेंच ने दिया है। दरअसल, एक पांच साल की बच्ची ने दिल्ली मेट्रो ट्रेनों के संचालन से ध्वनि प्रदूषण होने का आरोप लगाया है। बच्ची की इस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली मेट्रो को पर्यावरण नियमों का कड़ाई से पालन व तय सीमाओं का पालन करने का निर्देश जारी किया गया।
एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अगुवाई वाली बेंच दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को भी यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया कि दिल्ली मेट्रो द्वारा निर्माण और संचालन सहित दूसरे क्रियाकलापों से किसी तरह का ध्वनि प्रदूषण नहीं हो। बता दें कि पांच साल की रोहिणी निवासी समृद्धि गोस्वामी द्वारा पिता राकेश गोस्वामी के जरिए याचिका दाखिल की गई थी। इस याचिका में रोहिणी सेक्टर 18-19 मेट्रो स्टेशनों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की गई है।
इसके पीछे तर्क दिया गया कि इस जगह ध्वनि का स्तर 85 डेसीबल से अधिक हो चुका है। याचिका में यह भी जानकारी दी गई कि एनजीटी आने से पूर्व इससे संबंधित शिकायत विभिन्न एजेंसियों से भी की गई लेकिन कहीं से भी इसका हल नहीं निकला। याचिका में मिनिस्ट्री ऑफ इंवायरमेंट एंड फॉरेस्ट, दिल्ली सरकार, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी), डीपीसीसी व नॉर्थ एमसीडी को भी पार्टी बनाया गया है।
अधिक जानकारियों के लिए यहाँ क्लिक करे


Download Android App
Download iOS App



