छात्र संसद के विद्यार्थियों ने समझा विधायी प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष रूप

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Delhi Assembly : दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता द्वारा शुरू की गई पहल साप्ताहिक युवा संपर्क कार्यक्रम के अंतर्गत विधानसभा सचिवालय ने शनिवार को दो अलग-अलग छात्र प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी की। इनमें ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्री यूथ लीडरशिप डायलॉग 3.0 में भाग लेने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी तथा छात्र संसद के छात्र सांसद शामिल थे। यह भ्रमण विधानसभा अध्यक्ष के युवा संपर्क के व्यापक दृष्टिकोण के विस्तार का महत्वपूर्ण उदाहरण रहा, जिसमें वैश्विक युवा नेतृत्वकर्ताओं और देश के छात्र प्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था, संसदीय परंपराओं और विधायी कार्यप्रणाली की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। ब्रिक्स चैंबर…

Delhi Assembly : दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता द्वारा शुरू की गई पहल साप्ताहिक युवा संपर्क कार्यक्रम के अंतर्गत विधानसभा सचिवालय ने शनिवार को दो अलग-अलग छात्र प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी की। इनमें ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्री यूथ लीडरशिप डायलॉग 3.0 में भाग लेने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी तथा छात्र संसद के छात्र सांसद शामिल थे। यह भ्रमण विधानसभा अध्यक्ष के युवा संपर्क के व्यापक दृष्टिकोण के विस्तार का महत्वपूर्ण उदाहरण रहा, जिसमें वैश्विक युवा नेतृत्वकर्ताओं और देश के छात्र प्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था, संसदीय परंपराओं और विधायी कार्यप्रणाली की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्री यूथ लीडरशिप डायलॉग 3.0 के प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद के दौरान जिसमें भारत तथा अन्य ब्रिक्स और ब्रिक्स प्लस देशों के प्रतिभाशाली विद्यार्थी, युवा पेशेवर, शोधकर्ता और उभरते हुए नेतृत्वकर्ता शामिल थे।

विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने शासन व्यवस्था, सार्वजनिक नीति, कूटनीति, उद्यमिता और वैश्विक सहयोग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की। युवाओं की वैश्विक भूमिका को रेखांकित करते हुए विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र और सुशासन सर्वमान्य मूल्य हैं, जो तभी सशक्त होते हैं जब विभिन्न देशों के युवा विविध दृष्टिकोणों के साथ सीमाओं के पार संवाद करते हैं। युवाओं को सार्वजनिक नीति की समझ और कूटनीतिक दृष्टिकोण से सशक्त बनाना सतत विकास और वैश्विक स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

दूसरे प्रतिनिधिमंडल में छात्र संसद के विद्यार्थी शामिल थे, जिन्होंने नागरिक चेतना और विधायी प्रक्रियाओं की समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित विशेष अभिमुखीकरण कार्यक्रम में भाग लिया। युवा प्रतिनिधियों को यह प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला कि संसदीय व्यवस्था में विधेयकों पर किस प्रकार चर्चा होती है, कानून कैसे बनाए जाते हैं और कार्यपालिका की जवाबदेही किस प्रकार सुनिश्चित की जाती है।

दोनों प्रतिनिधिमंडलों को ऐतिहासिक विधानसभा सदन का निर्देशित भ्रमण कराया गया। 1912 में निर्मित इस भवन में मूल रूप से केंद्रीय विधान सभा का संचालन होता था, और यह भारत के स्वतंत्रता आंदोलन तथा देश के विधायी विकास से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है। आगंतुकों को अग्रणी सांसदों, विशेष रूप से विठ्ठलभाई पटेल, की संस्थागत विरासत और वर्ष 1993 में दिल्ली विधानसभा के पुनर्गठन के बाद से इसकी यात्रा के बारे में भी जानकारी दी गई। इस व्यापक भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडलों ने विधानसभा के संस्थागत इतिहास पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री भी देखी, जिसका कथावाचन पद्म भूषण से सम्मानित अनुपम खेर ने किया है।

 

Sumant Chaudhary