जेएनयू परिसर में हुए हमले के सिलसिले में सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की कई टीमें मंगलवार को वहां पहुंची। सूत्रों ने यह जानकारी दी। गौरतलब है कि रविवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में हुए हमले में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित 34 लोग घायल हो गये थे।
सूत्रों ने बताया कि एफएसएल की भौतिकी, रसायन और जीवविज्ञान विभागों की टीमें विश्वविद्यालय में हैं। भौतिकी टीम विश्वविद्यालय परिसर में नकाबपोश लोगों द्वारा छात्रों और अध्यापकों पर हमले में इस्तेमाल किए गए सरिया (रॉड) और पत्थरों जैसे सबूतों को एकत्र करेगी, जबकि रसायन टीम वहां मौजूद रसायनों के नमूने जुटाएगी।
जीव विज्ञान टीम अन्य साक्ष्यों सहित डीएनए नमूने एकत्र करेगी। एफएसएल से फोटो विशेषज्ञों की एक टीम भी परिसर में मौजूद है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने एफएसएल से सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने के लिए एक कंप्यूटर फॉरेंसिक टीम भेजने का अनुरोध किया है और इसके बुधवार को परिसर में पहुंचने की संभावना है।

रविवार को नकाबपोश लोगों की एक भीड़ ने यहां दक्षिण दिल्ली स्थित जेएनयू परिसर में घुस कर तीन छात्रावासों में विद्यार्थियों को निशाना बनाया था। डंडों, सरिया और पत्थरों से हमला किया था। छात्रावास में विद्यार्थियों पर हमला किया गया था और खिड़कियां, फर्नीचर तथा निजी सामान तोड़ दिये थे। उन्होंने एक महिला छात्रावास में भी हमला किया था। हमले की इस घटना के बाद परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
विश्वविद्यालय के विभिन्न द्वारों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। हमले के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और अपराध शाखा इस घटना की जांच कर रही है। अपराध शाखा ने सीसीटीवी फुटेज सहित साक्ष्य जुटाने के लिए स्थानीय पुलिस टीम के साथ सोमवार को परिसर का दौरा किया। पुलिस के मुताबिक एजेंसी घटना की सभी सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए तथा व्हाट्सएप पर साझा किए गए वीडियो क्लिप को खंगाल रही है।


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