लुधियाना से दिल्ली तक पुलिस की घेराबंदी: टेलीग्राम टास्क और निवेश के नाम पर लूटने वाला गिरोह दबोचा

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Telegram Part Time Job Fraud: नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर थाना पुलिस ने निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को चार दिन तक 800 किलोमीटर पीछा करने के बाद लुधियाना और दिल्ली से पकड़ा है। डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान लुधियाना निवासी मनीष (29) और पुनीत शर्मा (43) के रूप में हुई है। आरोपियों ने दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे एक युवक से 1.46 लाख रुपये की ठगी की थी। दोनों आरोपी साइबर ठगों को म्यूल अकाउंट उपलब्ध करवाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल…

Telegram Part Time Job Fraud: नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर थाना पुलिस ने निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को चार दिन तक 800 किलोमीटर पीछा करने के बाद लुधियाना और दिल्ली से पकड़ा है। डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान लुधियाना निवासी मनीष (29) और पुनीत शर्मा (43) के रूप में हुई है। आरोपियों ने दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे एक युवक से 1.46 लाख रुपये की ठगी की थी। दोनों आरोपी साइबर ठगों को म्यूल अकाउंट उपलब्ध करवाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और एक बैंक की पासबुक बरामद की है। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की जांच कर रही है।

अकाउंट खुलवाने के पांच हजार रुपये दिए

पुलिस के मुताबिक आरोपी मनीष पेटीएम में नौकरी करता है। इसका काम दुकान पर जाकर पेटीएम बॉक्स देकर वहां सेवाएं शुरू करवाना है। इसने पुनीत को हर अकाउंट खुलवाने के पांच हजार रुपये दिए। इसके बाद आगे इसने साइबर ठगों को 15 हजार रुपये में अकाउंट बेच दिए। फिलहाल दोनों की गिरफ्तारी से साइबर ठगी के पांच केस सुलझा लिए गए हैं। पुलिस ने इस बाबत केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर आरोपियों की लोकेशन लुधियाना की मिली। टीम ने वहां से आरोपी पुनीत शर्मा को गिरफ्तार किया। उसने पूछताछ में मनीष का नाम सामने आया। मगर पुलिस की भनक लगते ही वह फरार हो गया। बाद में उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया।

टास्क देकर 125 रुपये कमाने का मौका दिया

डीसीपी ने बताया कि पीड़ित पंकज द्विवेदी (25) ने अपने साथ 1.46 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उनको टेलीग्राम के जरिए गूगल होटल रेटिंग और रिव्यू से जुड़े पार्ट-टाइम जॉब का एक ऑफर मिला।शुरुआत में छोटे टास्क देकर 125 रुपये कमाने का मौका दिया गया। इसके बाद पंकज को कुछ विश्वास हुआ। बाद में उससे प्रीपेड टास्क के नाम पर निवेश करवाया गया। पहले एक हजार रुपये निवेश करने पर 1300 रुपये वापस मिल गए तो उसका भरोसा बढ़ गया। उनसे 3 हजार, 20 हजार और 30 हजार और निवेश किए। मगर जब पीड़ित ने पैसे निकालने का प्रयास किया तो फाइनेंशियल डिपार्टमेंट और रिस्क डिपार्टमेंट के नाम पर और रकम की डिमांड की गई।पीड़ित से करीब 1.46 लाख रुपये ऐंठ लिए गए।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।