कैमरा मेंटेनेंस टीम को कुचलने वाला ट्रक चालक एटा से गिरफ्तार

Summary :

South Delhi Crime News : साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के सरिता विहार में सड़क किनारे दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के कैमरों की मरम्मत और रखरखाव का काम कर रही टीम को ट्रक से टक्कर मारने के मामले में पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान 42 वर्षीय विनोद कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक हादसे के बाद वह ट्रक मौके पर छोड़कर उत्तर प्रदेश के एटा स्थित अपने पैतृक गांव चला गया था। पुलिस ने उसे वहां से दबोच लिया। फिलहाल आरोपी से हादसे को लेकर पूछताछ की जा रही है। डीसीपी विनीत कुमार के…

South Delhi Crime News : साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के सरिता विहार में सड़क किनारे दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के कैमरों की मरम्मत और रखरखाव का काम कर रही टीम को ट्रक से टक्कर मारने के मामले में पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान 42 वर्षीय विनोद कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक हादसे के बाद वह ट्रक मौके पर छोड़कर उत्तर प्रदेश के एटा स्थित अपने पैतृक गांव चला गया था। पुलिस ने उसे वहां से दबोच लिया। फिलहाल आरोपी से हादसे को लेकर पूछताछ की जा रही है।

डीसीपी विनीत कुमार के अनुसार रविवार तड़के करीब ढाई से तीन बजे रोड नंबर-13 पर कालिंदी अस्पताल के सामने ट्रैफिक कैमरों की मेंटेनेंस टीम काम कर रही थी। कर्मचारी महिंद्रा पिकअप, स्काई लिफ्ट और ऑटो की मदद से सड़क किनारे काम कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज गति में आए ट्रक ने पिकअप में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप आगे खड़े ऑटो से जा भिड़ी। पिकअप की लिफ्ट पर काम कर रहे कर्मचारी सड़क पर जा गिरे। हादसे में उमेश, प्रवीण कुमार, सूरज सिंह और आकाश की मौत हो गई, जबकि अनूप और खेम सिंह घायल हो गए। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

घटना के बाद चालक ट्रक वहीं छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने हादसे में शामिल तीनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने घटनास्थल से खून और मिट्टी के नमूने जुटाए हैं। क्राइम टीम ने मौके की जांच की है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि हो सके। वाहनों की तकनीकी जांच के लिए भी संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है। पुलिस ट्रक के मालिक विकास भड़ाना को नोटिस देकर पूछताछ कर रही है।

मृतकों के परिजनों को तीन-तीन लाख की मदद

हादसे के बाद कंपनी की ओर से मृत कर्मचारियों के परिवारों को तीन-तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी है। वहीं दोनों घायलों को एक-एक लाख रुपये की मदद दी जाएगी। घायलों का अपोलो अस्पताल में निशुल्क उपचार कराया जा रहा है। इसके अलावा मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिलाने के लिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) में केस दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

Sumant Chaudhary