Delhi Police Action On Chinese Manjha : राष्ट्रीय राजधानी में चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध और दिल्ली पुलिस की सख्ती के बावजूद इसकीअवैध बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। जिसकी वजह से अगस्त महीने में एक मासूम समेत दो लोग मांझे की चपेट में आकर घायल हो चुके हैं। वहीं, प्रतिबंधित नायलॉन मांझे के खिलाफ दिल्ली पुलिस का एक्शन भी जारी है।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक दिल्ली में अलग-अलग कार्रवाई के दौरान अब तक चाइनीज मांझे के 3,500 से अधिक रोल (चरखियां) जब्त की गई हैं। पुलिस स्थानीय स्तर पर दुकानदारों और लोगों को जागरूक भी कर रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि चीनी मांझे से पतंग उड़ाना ही नहीं, बल्कि इसकी बिक्री, खरीद और इसे अपने पास रखना भी प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने पर पांच साल तक की कैद, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। इसके अलावा, परिस्थितियों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत भी मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के भजनपुरा इलाके में एक साढ़े तीन साल का बच्चा चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार के मुताबिक, घटना एक अगस्त की शाम विजय पार्क इलाके में हुई। मासूम अदनान अपने बड़े भाई अरमान के साथ स्कूटी पर बैठकर बाजार जा रहा था। तभी रास्ते में उसके आगे मांझे की डोर आ गई। पहले अरमान की बांह आई और इसके बाद आगे बैठे अदनान की गर्दन कट गई। अरमान ने तुरंत स्कूटी रोकी और मांझा हटाया। तब तक मासूम की गर्दन काफी कट गई थी।
परिवार के मुताबिक, मांझा प्लास्टिक का था और आसानी से टूट नहीं रहा था। बच्चे को स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उसका उपचार किया गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के कारण उसका कई दिनों तक उपचार चला। परिवार का कहना है कि स्कूटी की रफ्तार कम होने से बच्चे की जान बच गई, लेकिन तेज रफ्तार होने पर हादसा जानलेवा हो सकता था। परिवार ने इस घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी थी।
पुलिस के मुताबिक, पांच अगस्त को भी उत्तम नगर इलाके में बाइक चला रहा 32 वर्षीय युवक चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार किया गया। इससे पहले मई माह में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में परिवार के साथ बाइक पर जा रहे पांच वर्षीय बच्चे की भी मांझे की चपेट में आने से मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, मांझे से बच्चे की गर्दन कट गई थी।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राहुल अलवल ने बताया कि जिले में प्रतिबंधित चीनी मांझे की अवैध बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। इस वर्ष अब तक प्रतिबंधित मांझे की 627 चरखियां जब्त की जा चुकी हैं, जबकि 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि दोपहिया वाहन चालकों को मांझे से बचाने के लिए जिले के कई फ्लाइओवरों की चारदीवारी के समानांतर लाइट पोल के साथ तार लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य मांझे को सड़क से गुजर रहे वाहन चालकों तक पहुंचने से रोकना है।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर पतंगबाजी होती है। इसके चलते पुरानी दिल्ली के काला कुआं और जाफराबाद समेत कई इलाकों में पतंगों और मांझे के बाजार सजते हैं। पुलिस ने इन बाजारों में प्रतिबंधित मांझे की बिक्री रोकने के लिए निगरानी और कार्रवाई बढ़ा दी है।



Download Android App
Download iOS App




