नई दिल्ली : बच्चा नहीं होने पर बच्चे की चाहत इतनी बढ़ गई कि पति-पत्नी ने दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से दो साल की मासूम बच्ची को रात के समय अगवा कर लिया। अगवा हुई बच्ची मां-बाप की इकलौती संतान थी, जिसके गायब होने पर पीड़ित मां-बाप तड़प उठे। बच्ची को वापस पाने के लिए दोनों दिल्ली रेलवे पुलिस के पास पहुंचे।
पुलिस ने भी उन्हें निराश नहीं किया और सावधानी से बच्ची की तलाश करते हुए महज 24 घंटे के भीतर उसे गाजियाबाद से सकुशल मुक्त कराते हुए आरोपी दम्पति को सलाखों के पीछे पहुंचाया। पुलिस उपायुक्त रेलवे दिनेश कुमार गुप्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए आरोपी दम्पति की पहचान 28 साल के राजू दूबे और उसकी 24 साल की पत्नी के रूप में की है। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराने के बाद उसे सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया और बाद में उसे उसके मां-बाप को सौंप दिया गया।
24 घंटे में ऐसे सुलझा मामला… पुलिस उपायुक्त दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि गत 12 जुलाई की सुबह करीब दस बजे हजरत निजामुद्दीन रेलवे पुलिस को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6-7 से दो साल की बच्ची के अगवा होने की सूचना मिली थी। महाराष्ट्र के वाशिम के रहने वाले बच्ची के पीड़ित मां-बाप से मिलने पर पता चला कि वहां बाढ़ आने की वजह से वे दिल्ली काम की तलाश में आए थे और घटना के समय वापस जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि जब वे रात को सो रहे थे, तभी किसी ने उनकी बेटी को अगवा कर लिया। पुलिस ने उनके बयान केस दर्ज किया और बच्ची की तलाश शुरु की। एसीपी महेन्द्र कुमार की निगरानी में इंस्पेक्टर शिव चरण मीना, एएसआई मुकेश कुमार, एएसआई हरपाल सिंह, हेड कांस्टेबल कौशलेन्द्र, कांस्टेबल प्रेम नारायण, कांस्टेबल सुरेन्दर, कांस्टेबल सुरेश, महिला कांस्टेबल अनिता व अन्य पुलिसकर्मियों की टीम ने तलाश शुरु की। जांच के दौरान मुखबिरों की सूचना के अलावा सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाने लगी।


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