मोबाइल ब्लास्ट से छूटी UPSC की परीक्षा, उपभोक्ता आयोग ने कंपनी पर लगाया ₹1.5 लाख का जुर्माना

Summary :

UPSC Aspirant Mobile Blast Rajindra Nagar: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में संघीय लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के एक अभ्यर्थी की सालभर की मेहनत एक मोबाइल फटने से पलभर में बर्बाद हो गई। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले अचानक मोबाइल फटने से बाद गंभीर रूप से घायल हो गया और अगले दिन होने वाली प्रारंभिक परीक्षा नहीं दे सका। उपभोक्ता आयोग ने मोबाइल कंपनी को माना दोषी, लगाया भारी हर्जाना इस मामले में सख्ती दिखाते हुए मध्य जिला उपभोक्ता निवारण आयोग ने मोबाइल निर्माता कंपनी ‘रियलमी’ को सेवा में कमी और लापरवाही का दोषी पाया और डेढ़ लाख का…

UPSC Aspirant Mobile Blast Rajindra Nagar: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में संघीय लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के एक अभ्यर्थी की सालभर की मेहनत एक मोबाइल फटने से पलभर में बर्बाद हो गई। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले अचानक मोबाइल फटने से बाद गंभीर रूप से घायल हो गया और अगले दिन होने वाली प्रारंभिक परीक्षा नहीं दे सका।

उपभोक्ता आयोग ने मोबाइल कंपनी को माना दोषी, लगाया भारी हर्जाना

इस मामले में सख्ती दिखाते हुए मध्य जिला उपभोक्ता निवारण आयोग ने मोबाइल निर्माता कंपनी ‘रियलमी’ को सेवा में कमी और लापरवाही का दोषी पाया और डेढ़ लाख का हर्जाना भुगतान करने का आदेश दिया। आयोग के अध्यक्ष दिव्या ज्योति जयपुरियार और सदस्य डॉ. रश्मि बंसल की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मोबाइल कंपनी को हर्जाने के साथ पीड़ित छात्र कानूनी खर्च अलग से देने का आदेश दिया है। आयोग ने मामले को संवेदनशील प्रवृ‌ति का मानते हुए सख्त टिप्पणी की और कहा कि मोबाइल बैटरी में धमाका होना सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर मुद्दा है जिससे किसी की भी जान जा सकती थी।

सिरहाने रखे फोन में हुआ जोरदार धमाका, छात्र का पूरा एक साल हुआ बर्बाद

आदेश के अनुसार पीड़िता कोर्ट कोटी साईं पवन ने साल 2019 में करीब 18000 रुपए में रियलमी एक्सटी मोबाइल खरीदा था। पांच जून 2022 को यूपीएससी परीक्षा प्रारंभिक से ठीक एक दिन पहले चार जून की तड़के सुबह तीन बजे फोन अचानक फट गया और उसने आग पकड़ ली। घटना के समय फोन छात्र के सिरहाने ही रखा था जिससे हादसे में उसके हाथ्, माथे और उंगलियों में चोटें आयीं। हादसे की गंभीरता के देखते हुए उसे तत्काल अस्पताल जाना पड़ा जिससे वह अगले दिन होने वाली परीक्षा में शामिल हो सका। पीड़ित ने आयोग को बताया कि हादसे की वजह से पिता की जीवन भर की पूंजी भरी गई कोचिंग की फीस में भी बेकार चली गई। इस घटना ने न केवल उसकी तैयारी पर पानी फेर दिया बल्कि उसकी करियर की रफ्तार भी एक साल पीछे धकेल दी।

सर्विस सेंटर ने पीड़ित को ही ठहराया जिम्मेदार

घटना के बाद जब पीड़ित शिकायत लेकर मोबाइल कंपनी के सर्विस सेंटर पहुंचा दो कंपनी ने मोबाइल ठीक करने के बदले उसे ऐसे दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने को कहा जिसमें धमाके के लिए खुद छात्र को जिम्मेदार बताया गया था। पीड़ित के इन्कार करने पर न केवल उसे अपमानित किया गया बल्कि उसका फोन तक लौटने से मना कर दिया गया। आयोग ने पीड़ित के दर्द को समझते हुए कंपनी के गैर जिम्मेदारना रवैये पर फटकार लगाई।

मानसिक प्रताड़ना के लिए ₹1 लाख का मुआवजा

आयोग ने माना की छात्र ने न केवल शारीरिक और मानसिक कष्ट सहा बल्कि उसका कीमती एक साल भी बर्बाद हो गया। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह पवन को एक लाख रुपये शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना के मुआवजा के रूप में और 25 हजार हर्जाने व 25 हजार कानूनी खर्च के लिए भुगतान करें। पूरी राशि एक अक्टूबर 2022 से 6% सालाना ब्याज के साथ देनी होगी, यदि 30 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया तो ब्याज की दर 9% कर दी जाएगी।

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Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।