जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है, वही भारत में भी इसका प्रकोप बढ़ता जा रहा है, लाखों लोगों को इस वायरस ने घर के अंदर रहने पर मजबूर कर दिया है। 21 दिन के लॉकडाउन के बाद सरकार को 19 दिन का लॉकडाउन और बढ़ाना पड़ा। यहां तक की देश के कई हिस्सों को रेड जोन में डाल दिया गया है।

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने और संक्रमित लोगों की जान बचाने के लिए के लिए लॉकडाउन में अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी, महाराष्ट्र से वेस्ट बंगाल सभी को स्वच्छ किया जा रहा है। लेकिन, लॉकडाउन में जिसको सबसे ज्यादा परेशानी आयी वे वह हैं जो रोज की दिहाड़ी पर अपना जीवन व्यतीत करते थे।

सरकार के इस फैसले के बाद कई मजदूरों को मुसीबत का सामना करना पड़ा। इसी संकट को देखते हुए दिल्ली की एक गैर सरकारी संगठन विशेज एंड ब्लेसिंग ने अपने कदम आगे बढ़ाये। उन्होंने लॉकडाउन के पहले ही दिन करीब 7000 देहाड़ी मजदूरों और बेघरों को दो वक़्त का खानपान प्रदान किया। वही दूसरे दिन यही संख्या उन्होंने करीब 3000 बढ़ाकर लगभग 10000 से अधिक वंचित और बेघर लोगों को भोजन प्राप्त कराया।

आज यहीं संख्या दिल्ली में 14000 को पार कर चुकी है। यही नहीं उन्होंने अपने डे केयर सेंटर्स को बदलकर कई हजार लोगों के रहने का स्थान प्रदान किया। वे यमुना पुस्ता, सराय काले खान, मुनिरका, दिल्ली गेट, निजामुद्दीन, मोदी मिल्स, कुली कैंप, मैदान गढ़ी और मोतिया खान सहित दिल्ली के क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

इसके रहते विसेज एंड ब्लेस्सिंग्स ने 8 राज्यों जिसमें असम, वेस्ट बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आदि में लगभग 8500 परिवारों को राशन, और खानपान की चीजें मुहैया कराईं। देश के लिए बेहद नाजुक दौर चल रहा है।

हमारी पूरी टीम राहत देने में लगी हुई है। हमे नहीं पता हम कैसे एक ही दिन मे 600 से 6000, फिर अगले दिन 9000, और आज हम दिल्ली में 14000 से अधिक लोगों को खानपान प्रदान करा पा रहे हैं। यहां तक की हमारी टीम अब भारत के 8 राज्यों में भी राहत देने में भी जुटी हुई है। हमारी कोशिश रहेगी की हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत मोहया करा सकें।
-गीतांजलि चोपड़ा


Download Android App
Download iOS App



