“महिला कोच बना रील्स का स्टेज”… झगड़े, गाली-गलौज और हंगामे के वीडियो वायरल

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Women Coach Reel Controversy: राजधानी की मेट्रो में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए बनाए गए महिला कोच अब रील्स और विवादों का अड्डा बनते जा रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से एक वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें कुछ युवतियां कोच के अंदर गाली-गलौज करती और झगड़ा करती नजर आती हैं। यही नहीं कई वीडियो में लोग मेट्रो कोच के भीतर नाचते-गाते और शोर-शराबा करते दिखाई देते हैं, जिससे अन्य यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। शांत और सुरक्षित सफर के लिए बनाए गए इस कोच में अब तनाव और अव्यवस्था…

Women Coach Reel Controversy: राजधानी की मेट्रो में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए बनाए गए महिला कोच अब रील्स और विवादों का अड्डा बनते जा रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से एक वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें कुछ युवतियां कोच के अंदर गाली-गलौज करती और झगड़ा करती नजर आती हैं। यही नहीं कई वीडियो में लोग मेट्रो कोच के भीतर नाचते-गाते और शोर-शराबा करते दिखाई देते हैं, जिससे अन्य यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

शांत और सुरक्षित सफर के लिए बनाए गए इस कोच में अब तनाव और अव्यवस्था का माहौल बनने लगा है। ऑफिस समय में बढ़ती भीड़ और जल्दबाजी इन झगड़ों की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। सीमित जगह और सीट को लेकर होने वाली बहस कई बार बड़े विवाद का रूप ले लेती है।

वीडियो और रील्स बनाने में लोग

गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन से रिठाला तक रोजाना सफर करने वाली पिंकी ने बताया कि अब मेट्रो में सफर करना पहले जैसा सुकून भरा नहीं रहा। कभी झगड़ा होता है तो कभी लोग वीडियो और रील्स बनाने लगते हैं, जिससे काफी परेशानी होती है। वही कॉलेज छात्रा कीर्ति ने बताया कि कई बार पढ़ाई या थकान के बाद सफर करते समय शांति चाहिए होती है, लेकिन कोच में शोर-शराबा और वीडियो बनाने वालों की वजह से दिक्कत होती है। एक कामकाजी महिला मनीष ने अपनी चिंता जताते हुए कहा ऑफिस टाइम में पहले ही भीड़ रहती है, ऊपर से झगड़े और हंगामा माहौल को और खराब कर देते हैं। प्रशासन को सख्ती करनी चाहिए।

प्रशासन से सख्ती की मांग

महिलाओं का कहना है कि महिला कोच का उद्देश्य सुरक्षित और शांत माहौल देना है, लेकिन बढ़ते विवाद और वायरल वीडियो इस मकसद को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने मेट्रो प्रशासन से निगरानी बढ़ाने, नियमों का सख्ती से पालन कराने और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मेट्रो परिसर में अनुशासन बनाए रखना है अनिवार्य

कोच के अंदर शोर-शराबा, गाली-गलौज और हंगामा करना नियमों का उल्लंघन है। बिना अनुमति वीडियो शूट या रील्स बनाना भी कई मामलों में प्रतिबंधित है। जिस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। सुरक्षा कर्मियों द्वारा कार्रवाई या मेट्रो से उतारा जा सकता है। गंभीर मामलों में पुलिस केस भी दर्ज हो सकता है।  विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन, जिम्मेदारी और आपसी सम्मान बनाए रखना बेहद जरूरी है। जागरूकता और सख्ती से ही इस तरह की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।