रात में भी काम कर सकेंगी महिलाएं

Summary :

रावत की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में कर्इ अहम फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कीड़ा जड़ी के दोहन और बिक्री के लिए नीति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गर्इ।

देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में कर्इ अहम फैसलों पर मुहर लगी है। बैठक में कीड़ा जड़ी के दोहन और बिक्री के लिए नीति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गर्इ है। इसके साथ ही महिला कर्मियों की रात्रि ड्यूटी पर लगे प्रतिबंध को हटाया गया है। हालांकि महिलाएं पर इस शिफ्ट के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। बैठक में एक ही परिसर या 100 मीटर के भीतर संचालित 11 इंटरमीडिएट कॉलेज का विलय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गर्इ। इस दौरान सचिवालय स्थित पंचम तल सभागार का नाम वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के नाम पर किया गया।

बैठक में उपरोक्त मामलों की जानकारी शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने देते हुए बताया कि 22 जिन प्रस्तावों पर कैबिनेट में मुहर लगी हैं। जिनमें एमएसएम के भीतर ग्रोथ सेंटर योजना को मंज़ूरी दी गई है, जिसमें दो कमेटी के माध्यम से चयन होगा, जिसमें एक शासन और एक ज़िलास्तर पर कमेटी काम करेगी। केंद्र सरकार के अनुसार उत्तराखंड राज्य में एक जनवरी, 2016 से पूर्व के पेन्शनधारक पुनरक्षित होंगे, जिसके तहत एक लाख दस हज़ार पेंशनरों को इससे लाभ सीधा होगा। सचिवालय स्थित पंचम तल सभागार का नामकरण किया जाएगा, जिसका नाम वीर चंद्र सिंह गढ़वाली से जाना जाएगा।

सरकार और उद्योगों के बीच समन्वय के लिए बनेगी कमेटी : त्रिवेंद्र सिंह रावत

कीड़ा जड़ी दोहन को लेकर कैबिनेट ने नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अप्रैल माह से नीति के तहत सकेगा दोहन और विपणन किया जाएगा, जिसके लिए वन विभाग के अधिकारी अनुमति देंगे। प्राइमरी स्कूल के बाद अब माध्यमिक स्कूल विलयीकरण का भी फ़ैसला लिया गया, जिसके तहत कुल 34 स्कूल बंद हो जाएंगे और इसमें शिक्षारत 222 पद समाप्त नहीं होंगे बल्कि रिज़र्व रहेंगे। वहीं वित्त विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड राष्ट्रीय बचत सेवा नियमवाली में संसोधन सचिवालय सेवा में अपर सचिव ग्रेड 2016 के वेतनमान इजाफे को कैबिनेट ने संसोधन की मंज़ूरी दे दी है। पहले निजी सचिव संवर्ग में भी एक पद का लाभ दिया गया था जिसमें सरकार अब आगे किसी को लाभ नहीं देगी। कैबिनेट बैठक में एक और अहम फैसले पर निर्णय लिया गया जिसमें हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वालों के ख़िलाफ़ अब सरकार सीधे सुप्रीम कोर्ट जाएगी।

– सुनील तलवाड़

Desk Team