दिल्ली दंगा मामला: कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्ज फ्रेमिंग पर फिर शुरू होगी सुनवाई

Summary :

दिल्ली दंगों के आरोपियों की दलीलें फिर से सुनी जाएंगी

दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने नई सुनवाई का निर्णय लिया है। न्यायिक स्थानांतरण के बाद, पहले की कार्यवाही को दोबारा शुरू किया जाएगा। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष और आरोपियों के वकीलों को चार्ज फ्रेमिंग पर दलीलें पेश करने का समय और क्रम स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 6 जून को होगी।

दिल्ली दंगों से जुड़ी बड़ी साजिश के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट अब नए सिरे से सुनवाई शुरू करेगा। यह निर्णय न्यायिक स्थानांतरण के बाद लिया गया है, जिससे पहले की कार्यवाही अब दोबारा प्रक्रिया में लाई जाएगी। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष और आरोपियों के वकीलों को निर्देश दिया है कि वे यह स्पष्ट करें कि चार्ज फ्रेमिंग पर अपनी दलीलें कितने समय में और किस क्रम में पेश करेंगे। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा है कि दोनों पक्ष यह बताएं कि उन्हें अपनी बहस के लिए कितने घंटे की आवश्यकता होगी। गौरतलब है कि इस मामले में अभियोजन पक्ष पहले ही अपनी दलीलें पूरी कर चुका है और पांच आरोपियों ने भी आरोप तय करने के मुद्दे पर अपनी दलीलें अदालत के सामने रख दी थीं। सुनवाई कर रहे जज के तबादले के कारण अब इन सभी पक्षों की दलीलें फिर से सुनी जाएंगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 6 जून को निर्धारित की है। उस दिन से इस बहुचर्चित मामले में आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

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उल्लेखनीय है कि 26 अक्टूबर 2023 को दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली दंगों के मामले में 11 लोगों को बरी कर दिया था। उन पर कथित तौर पर उस भीड़ में शामिल होने का आरोप था, जिसने 22 वर्षीय युवक दिलबर नेगी की मौत के बाद दुकानों में तोड़फोड़ की थी और एक मिठाई की दुकान में आग लगा दी थी।

कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने सबूतों और परिस्थितियों की सावधानीपूर्वक जांच करने के बाद निष्कर्ष निकाला था कि 11 आरोपी व्यक्ति भीड़ की गतिविधियों के दौरान विभिन्न समय पर मौजूद थे और अन्य दंगा-संबंधी घटनाओं से जुड़े थे, लेकिन यह स्थापित नहीं किया जा सका कि वे उस घटना के लिए परोक्ष रूप से जिम्मेदार थे, जिसके परिणामस्वरूप नेगी की दुखद मौत हुई।

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